CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Syllabus - Free PDF Download
CBSE Syllabus 2025-26 Class 11 [कक्षा ११]: The CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Syllabus for the examination year 2025-26 has been released by the Central Board of Secondary Education, CBSE. The board will hold the final examination at the end of the year following the annual assessment scheme, which has led to the release of the syllabus. The 2025-26 CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Board Exam will entirely be based on the most recent syllabus. Therefore, students must thoroughly understand the new CBSE syllabus to prepare for their annual exam properly.
The detailed CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Syllabus for 2025-26 is below.
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Revised Syllabus
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) and their Unit wise marks distribution
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Course Structure 2025-26 With Marking Scheme
# | Unit/Topic | Weightage |
---|---|---|
I | मनोविज्ञान | |
1 | मनोविज्ञान क्या है? | |
2 | मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ | |
3 | मानव व्यवहार के आधार | |
4 | मानव विकास | |
5 | संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ | |
6 | अधिगम | |
7 | मानव स्मृति | |
8 | चिंतन | |
9 | अभिप्रेरणा एवं संवेग | |
Total | - |
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Syllabus
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Psychology (मनोविज्ञान) Syllabus for Chapter 1: मनोविज्ञान
- मनोविज्ञान क्या है?
- मनोविज्ञान एक विद्याशाखा के रूप में
- मनोविज्ञान एक प्राकृतिक विज्ञान के रूप में
- मनोविज्ञान एक सामाजिक विज्ञान के रूप में
- मन एवं व्यवहार की समझ
- मनोविज्ञान विद्याशाखा की प्रसिद्ध धारणाएँ
- मनोविज्ञान का विकास
- भारत में मनोविज्ञान का विकास
- मनोविज्ञान की शाखाएँ
- संज्ञानात्मक मनोविज्ञान
- जैविक मनोविज्ञान
- विकासात्मक मनोविज्ञान
- सामाजिक मनोविज्ञान
- अंतःसांस्कृतिक एवं सांस्कृतिक मनोविज्ञान
- पर्यावरणी मनोविज्ञान
- स्वास्थ्य मनोविज्ञान
- नैदानिक एवं उपबोधन मनोविज्ञान
- औद्योगिक/संगठनात्मक मनोविज्ञान
- शैक्षिक मनोविज्ञान
- विद्यालय मनोविज्ञान
- क्रीड़ा मनोविज्ञान
- मनोविज्ञान की अन्य उद्भूत शाखाएँ
- अनुसंधान एवं अनुप्रयोग के कथ्य
- मूल बनाम अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान
- मनोविज्ञान एवं अन्य विद्याशाखाएँ
- दर्शनशास्त्र
- आयुर्विज्ञान
- अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र
- कंप्यूटर विज्ञान
- विधि एवं अपराधशास्त्र
- जनसंचार
- संगीत एवं ललित कला
- वास्तुकला एवं अभियांत्रिकी
- कार्यरत मनोवैज्ञानिक
- नैदानिक मनोवैज्ञानिक
- उपबोधन मनोवैज्ञानिक
- सामुदायिक मनोवैज्ञानिक
- विद्यालय मनोवैज्ञानिक
- संगठनात्मक मनोवैज्ञानिक
- दैनंदिन जीवन में मनोविज्ञान
- मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ
- मनोवैज्ञानिक जाँच के लक्ष्य
- मनोवैज्ञानिक अनुसंधान के चरण
- समस्या का संप्रत्ययन
- प्रदत्त संग्रह
- निष्कर्ष निकालना
- शोध निष्कर्षों का पुनरीक्षण
- अनुसंधान के वैकल्पिक प्रतिमान
- मनोवैज्ञानिक प्रदत्त का स्वरूप
- मनोविज्ञान की कुछ महत्वपूर्ण विधियाँ
- प्रेक्षण विधि
- चयन
- अभिलेखन
- प्रदत्त विश्लेषण
- प्रेक्षण के प्रकार
- प्रकृतिवादी बनाम नियंत्रित प्रेक्षण
- असहभागी बनाम सहभागी प्रेक्षण
- प्रायोगिक विधि
- परिवर्त्य का संप्रत्यय
- प्रायोगिक एवं नियंत्रित समूह
- क्षेत्र प्रयोग एवं प्रयोग-कल्प
- सहसंबंधात्मक अनुसंधान
- धनात्मक सहसंबंध
- ॠणात्मक सहसंबंध
- शून्य सहसंबंध
- सर्वेक्षण अनुसंधान
- वैयक्तिक साक्षात्कार
- प्रश्नावली सर्वेक्षण
- मनोवैज्ञानिक परीक्षण
- परीक्षण के प्रकार
- वाचिक
- अवाचिक
- निष्पादन
- वैयक्तिक
- समूह
- व्यक्ति अध्ययन
- प्रेक्षण विधि
- प्रदत्त विश्लेषण
- परिमाणात्मक विधि
- गुणात्मक विधि
- मनोवैज्ञानिक जाँच की सीमाएँ
- नैतिक मुद्दे
- स्वैच्छिक सहभागिता
- सूचित सहमति
- स्पष्टीकरण
- अध्ययन के परिणाम की भागीदारी
- प्रदत्त स्रोतों की गोपनीयता
- मानव व्यवहार के आधार
- विकासवादी परिप्रेक्ष्य
- जैविकीय एवं सांस्कृतिक मूल
- व्यवहार के जैविकीय आधार
- तंत्रिका कोशिकाएँ
- तंत्रिका आवेग
- तंत्रिका-कोष संधि
- तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र की संरचना एवं प्रकार्य तथा व्यवहार और अनुभव के साथ उनके संबंध
- तंत्रिका तंत्र
- परिधीय तंत्रिका तंत्र
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र
- मस्तिष्क और व्यवहार
- अंतःस्रावी तंत्र
- आनुवंशिकता : जीन एवं व्यवहार
- गुणसूत्र
- जीन
- सांस्कृतिक आधार : व्यवहार का सामाजिक-सांस्कृतिक निरूपण
- संस्कृतीकरण
- समाजीकरण
- समाजीकरण कारक
- माता-पिता
- विद्यालय
- समसमूह
- जन संचार का प्रभाव
- परसंस्कृतिग्रहण
- समाकलन
- आत्मसात्करण
- पृथक्करण
- सीमांतकरण
- विकास का अर्थ
- विकास का जीवनपर्यंत परिप्रेक्ष्य
- संवृद्धि, विकास, परिपक्वता तथा क्रमविकास
- विकास को प्रभावित करने वाले कारक
- विकास का संदर्भ
- विकासात्मक अवस्थाओं की समग्र दृष्टि
- प्रसवपूर्व अवस्था
- शैशवावस्था
- पेशीय विकास
- संवेदी योग्यताएँ
- संज्ञानात्मक विकास
- सामाजिक-संवेगात्मक विकास
- बाल्यावस्था
- शारीरिक विकास
- पेशीय विकास
- संज्ञानात्मक विकास
- सामाजिक-सांवेगिक विकास
- नैतिक विकास
- किशोरावस्था की चुनौतियाँ
- शारीरिक विकास
- संज्ञानात्मक विकासात्मक परिवर्तन
- एक पहचान का निर्माण करना
- कुछ प्रमुख चिंताएँ
- प्रौढ़ावस्था एवं वृद्धावस्था
- संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ
- जगत का ज्ञान
- उद्दीपक का स्वरूप एवं विविधता
- संवेदन प्रकारताएँ
- चाक्षुष संवेदना
- श्रवण संवेदना
- अन्य मानवीय संवेदनाएँ
- अवधानिक प्रक्रियाएँ
- चयनात्मक अवधान
- संधृत अवधान
- विभक्त अवधान
- अवधान विस्तृति
- अवधान न्यूनता अतिक्रिया विकार
- प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ
- प्रत्यक्षण के प्रक्रमण उपागम
- प्रत्यक्षणकर्ता
- प्रात्यक्षिक संगठन के सिद्धांत
- निकटता का सिद्धांत
- समानता का सिद्धांत
- निरंतरता का सिद्धांत
- लघुता का सिद्धांत
- सममिति का सिद्धांत
- अविच्छिन्नता का सिद्धांत
- पूर्ति का सिद्धांत
- स्थान, गहनता तथा दूरी प्रत्यक्षण
- एकनेत्री संकेत (मनोवैज्ञानिक संकेत)
- द्विनेत्री संकेत (शारीरिक संकेत)
- प्रात्यक्षिक स्थैर्य
- आकार स्थैर्य
- आकृति स्थैर्य
- द्य्रुति स्थैर्य
- भ्रम
- प्रत्यक्षण पर सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव
- अधिगम का स्वरुप
- अधिगम के प्रतिमान
- प्राचीन अनुबंधन
- प्राचीन अनुबंधन के निर्धारक
- क्रियाप्रसूत/नैमित्तिक अनुबंधन
- क्रियाप्रसूत अनुबंधन के निर्धारक
- प्रमुख अधिगम प्रक्रियाएँ
- प्राचीन तथा क्रियाप्रसूत अनुबंधन: भिन्नताएँ
- अधिगम असहायपन
- प्रेक्षणात्मक अधिगम
- संज्ञानात्मक अधिगम
- अंतर्दृष्टि अधिगम
- अव्यक्त अधिगम
- वाचिक अधिगम
- वाचिक अधिगम के अध्ययन में प्रयुक्त विधियाँ
- वाचिक अधिगम के निर्धारक
- संप्रत्यय अधिगम
- कौशल अधिगम
- कौशल का स्वरुप
- कौशल अर्जन के चरण
- अधिगम अंतरण
- अविशिष्ट अंतरण
- विशिष्ट अंतरण
- अधिगम को सुगम बनाने वाले कारक
- सतत बनाम आंशिक प्रबलन
- अभिप्रेरणा
- अधिगम की तत्परता
- अधिगमकर्ता: अधिगम शैलियाँ
- अधिगम अशक्तताएँ
- अधिगम अशक्तता के लक्षण
- अधिगम सिद्धांतों के अनुप्रयोग
- मानव स्मृति
- स्मृति का स्वरुप
- सूचना प्रक्रमण उपागम: अवस्था मॉडल
- स्मृति तंत्र: संवेदी, अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक स्मृतियाँ
- संवेदी स्मृति
- अल्पकालिक स्मृति
- दीर्घकालिक स्मृति
- कार्यकारी स्मृति
- प्रक्रमण स्तर
- दीर्घकालिक स्मृति के प्रकार
- घोषणात्मक - घटनापरक या आर्थी एवं प्रक्रियामूलक
- दीर्घकालिक स्मृति का वर्गीकरण
- स्मृति मापन की विधियाँ
- स्मृति में ज्ञान का संगठन एवं प्रतिनिधान
- स्मृति निर्माण: प्रत्यक्षसाक्षी एवं असत्य स्मृतियाँ
- स्मृति एक रचनात्मक प्रक्रिया के रूप में
- विस्मरण के स्वरुप एवं कारण
- चिह्न ह्रास के कारण विस्मरण
- अवरोध के कारण विस्मरण
- पुनरुद्धार असफलता के कारण विस्मरण
- दमित स्मृतियाँ
- स्मृति वृद्धि
- प्रतिमाओं के उपयोग से स्मृति-सहायक संकेत
- संगठन के उपयोग से स्मृति-स्मृति-सहायक संकेत
- चिंतन
- चिंतन का स्वरुप
- चिंतन के आधारभूत तत्त्व
- संस्कृति एवं चिंतन
- चिंतन की प्रक्रिया
- समस्या समाधान
- समस्या समाधान में अवरोध
- तर्कना
- निगमनात्मक तथा आगमनात्मक तर्कना
- निर्णयन
- सर्जनात्मक चिंतन का स्वरुप एवं प्रक्रिया
- सर्जनात्मक चिंतन का स्वरुप
- सर्जनात्मक चिंतन की प्रक्रिया
- पार्श्विक चिंतन
- सर्जनात्मक चिंतन का विकास
- सर्जनात्मक चिंतन के अवरोध
- सर्जनात्मक चिंतन के उपाय
- विचार एवं भाषा
- विचार के निर्धारक के रूप में भाषा
- भाषा निर्धारक के रूप में विचार
- भाषा एवं विचार के भिन्न उद्गम
- भाषा एवं भाषा के उपयोग का विकास
- भाषा का अर्थ एवं स्वरुप
- भाषा का विकास
- द्विभाषिकता एवं बहुभाषिता
- अभिप्रेरणा एवं संवेग
- अभिप्रेरणा का स्वरुप
- अभिप्रेरणात्मक चक्र
- अभिप्रेरकों के प्रकार
- जैविक अभिप्रेरक
- मनोसामाजिक अभिप्रेरक
- मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम
- कुंठा एवं द्वंद्व
- स्व-अभिप्रेरणा
- संवेगों का स्वरुप
- संवेगों के शरीरक्रियात्मक आधार
- संवेगों की शरीरक्रिया
- असत्य खोज
- संवेगों के संज्ञानात्मक आधार
- संवेगों के सांस्कृतिक आधार
- संवेगों के अभिव्यक्ति
- संस्कृति एवं संवेगात्मक अभिव्यक्ति
- संस्कृति एवं संवेगों का नामकरण
- निषेधात्मक संवेगों का प्रबंधन
- अभिघातज उत्तर दबाव विकार
- परीक्षा-दुश्चिंता का प्रबंधन
- आपके क्रोध का प्रबंधन
- विध्यात्मक संवेगों में वृद्धि
- सांवेगिक बुद्धि