CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Syllabus - Free PDF Download
CBSE Syllabus 2025-26 Class 11 [कक्षा ११]: The CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Syllabus for the examination year 2025-26 has been released by the Central Board of Secondary Education, CBSE. The board will hold the final examination at the end of the year following the annual assessment scheme, which has led to the release of the syllabus. The 2025-26 CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Board Exam will entirely be based on the most recent syllabus. Therefore, students must thoroughly understand the new CBSE syllabus to prepare for their annual exam properly.
The detailed CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Syllabus for 2025-26 is below.
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Revised Syllabus
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) and their Unit wise marks distribution
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Course Structure 2025-26 With Marking Scheme
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Syllabus
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Syllabus for Chapter 1: समाजशास्त्र परिचय
- परिचय: समाजशास्त्र एवं समाज
- समाजशास्त्रीय कल्पनाएँ : व्यक्तिगत समस्याएँ एवं जनहित के मुद्दे
- समाजों में बहुलताएँ एवं असमानताएँ
- समाजशास्त्र का परिचय
- समाजशास्त्र और सामान्य बौद्धिक ज्ञान
- बौद्धिक विचार जिनकी समाजशास्त्र की रचना में भूमिका है
- भौतिक मुद्दे जिनकी समाजशास्त्र की रचना में भूमिका है
- हमें यूरोप में समाजशास्त्र के आरंभ और विकास को क्यों पढ़ना चाहिए ?
- भारत में समाजशास्त्र का विकास
- समाजशास्त्र का विषय क्षेत्र एवं अन्य सामाजिक विज्ञानों से इसके संबंध
- समाजशास्त्र एवं अर्थशास्त्र
- समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान
- समाजशास्त्र एवं इतिहास
- समाजशास्त्र एवं मनोविज्ञान
- समाजशास्त्र एवं सामाजिक मानवविज्ञान
- परिचय: समाजशास्त्र में प्रयुक्त शब्दावली, संकल्पनाएँ एवं उनका उपयोग
- सामाजिक समूह एवं समाज
- समूहों के प्रकार
- प्राथमिक और द्वितीयक सामाजिक समूह
- समुदाय एवं समाज अथवा संघ
- अंत:समूह एवं बाह्य समूह
- संदर्भ समूह
- समवयस्क समूह
- सामाजिक स्तरीकरण
- जाति
- वर्ग
- प्रस्थिति और भूमिका
- समाज व सामाजिक नियंत्रण
- परिचय: सामाजिक संस्थाओं को समझना
- परिवार, विवाह और नातेदारी
- परिवार के स्वरूपों में परिवर्तन
- परिवार अन्य सामाजिक क्षेत्रों और पारिवारिक परिवर्तनों से संबंधित होते हैं
- परिवार किस तरह लिंगवादी है ?
- विवाह संस्था
- विवाह के रूप
- विवाह निश्चित करना : नियम और निर्देश
- अंतर्विवाह और बहिर्विवाह के नियम
- कुछ बुनियादी संकल्पनाओं विशेषतः परिवार, नातेदारी और विवाह को परिभाषित करना
- कार्य और आर्थिक जीवन
- कार्य क्या है ?
- कार्य के आधुनिक रूप और श्रम विभाजन
- कार्य रूपांतरण
- राजनीति
- राज्यविहीन समाज
- राज्य की संकल्पना
- धर्म
- शिक्षा
- परिचय: संस्कृति तथा समाजीकरण
- विविध परिवेश, विभिन्न संस्कृतियाँ
- संस्कृति की परिभाषा
- संस्कृति के आयाम
- संस्कृति के संज्ञानात्मक पक्ष
- संस्कृति के मानकीय पक्ष
- संस्कृति के भौतिक पक्ष
- संस्कृति तथा पहचान
- नृजातिकेंद्रवाद
- सांस्कृतिक परिवर्तन
- समाजीकरण
- समाजीकरण के अभिकरण
- परिवार
- समकक्ष समूह
- विद्यालय
- जान-माध्यम
- अन्य समाजीकरण अभिकरण
- समाजीकरण तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता
- परिचय: समाजशास्त्र-अनुसंधान पद्धतियाँ
- कुछ पद्धतिशास्त्रीय मुद्दे
- समाजशास्त्र में वस्तुनिष्ठता तथा व्यक्तिपरकता
- बहुविधि पद्धतियाँ तथा पद्धतियों का चयन
- सहभागी प्रेक्षण (अवलोकन)
- सामाजिक मानवविज्ञान में क्षेत्रीय कार्य
- समाजशास्त्र में क्षेत्रीय कार्य
- सहभागी प्रेक्षण की कुछ सीमाएँ
- सर्वेक्षण
- साक्षात्कार
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Sociology (समाजशास्त्र) Syllabus for Chapter 2: समाज का बोध
- परिचय: समाज में सामाजिक संरचना, स्तरीकरण और सामाजिक प्रक्रियाएँ
- सामाजिक संरचना तथा सामाजिक स्तरीकरण
- समाजशास्त्र में सामाजिक प्रक्रियाओं को समझने के दो तरीके
- सहयोग तथा श्रम विभाजन
- प्रतिस्पर्धा-अवधारणा एवं व्यवहार के रूप में
- संघर्ष तथा सहयोग
- उपसंहार
- परिचय: ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था
- सामाजिक परिवर्तन
- पर्यावरण
- तकनीक तथा अर्थव्यवस्था
- राजनीति
- संस्कृति
- सामाजिक व्यवस्था
- प्रभाव, सत्ता तथा कानून
- विवाद (संघर्ष), अपराध तथा हिंसा
- गाँव, कस्बों और नगरों में सामाजिक व्यवस्था तथा सामाजिक परिवर्तन
- ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक व्यवस्था तथा सामाजिक परिवर्तन
- नगरीय क्षेत्रों में सामाजिक व्यवस्था तथा सामाजिक परिवर्तन
- परिचय: पर्यावरण और समाज
- पर्यावरण की प्रमुख समस्याएँ और जोखिम
- संसाधनों की क्षीणता (कमी)
- प्रदूषण
- वैश्विक तापमान वृद्धि ( ग्लोबल वार्मिंग)
- जैनेटिकली मौडिफाइड आर्गेनिज़म्स
- प्राकृतिक तथा मानव-निर्मित पर्यावरण विनाश
- पर्यावरण की समस्याएँ सामाजिक समस्याएँ क्यों हैं ?
- सतत विकास
- वर्षा नहीं पर जल क्रीडा
- पाश्चात्य समाजशास्त्री-एक परिचय
- समाजशास्त्र का संदर्भ
- ज्ञानोदय
- फ्रांसिसी क्रांति
- औद्योगिक क्रांति
- वर्ग संघर्ष
- दुर्खाइम की समाजशास्त्रीय दृष्टी
- समाज में श्रम-विभाजन
- मैक्स वैबर और व्याख्यात्मक समाजशास्त्र
- नौकरशाही
- भारतीय समाजशास्त्री
- जाति तथा प्रजाति पर घूर्ये के विचार
- परंपरा एवं परिवर्तन पर डी.पी मुकर्जी के विचार
- राज्य पर ए. आर. देसाई के विचार
- एम.एन.श्रीनिवास के गाँव संबंधी विचार