Advertisements
Advertisements
प्रश्न
1,85,000 मोलर द्रव्यमान वाले एक बहुलक के 1.0 g को 37°C पर 450 mL जल में घोलने से उत्पन्न विलयन के परासरण दाब का पास्कल में परिकलन कीजिए।
उत्तर
दिया गया है,
घुले हुए विलेय के मोलों की संख्या (n) = `(1.0 "g")/(185,000 "g mol"^(-1)) = 1/(185,000) "mol"`
V = 450 mL = 0.45 L,
T = 37°C = (37 + 273) K = 310 K
R = 8.314 k Pa L K−1 mol−1 = 8.314 × 103 Pa L K−1 mol−1
परासरण दाब, `pi = "n"/"V""RT"`
= `1/(185,000) "mol" xx 1/(0.45 "L")xx 8.314 xx 10^(3) "Pa L K"^(-1) "mol"^(-1)xx 310 "K"`
= 30.96 Pa
= 31 Pa (लगभग)
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
300 K पर 36 g प्रति लीटर सांद्रता वाले ग्लूकोस के विलयन का परासरण दाब 4.98 bar है। यदि इसी ताप पर विलयन का परासरण दाब 1.52 bar हो तो उसकी सांद्रता क्या होगी?
यदि जल का परासरण दाब 27°C पर 0.75 वायुमंडल हो तो 2.5 लीटर जल में घुले CaCl2 (i = 2.47) की मात्रा परिकलित कीजिए।
2 लीटर जल में 25°C पर K2SO4 के 25 mg, को घोलने पर बनने वाले विलयन का परासरण दाब, यह मानते हुए ज्ञात कीजिए कि K2SO4 पूर्णतः वियोजित हो गया है।