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1.5 μC और 2.5 μC आवेश वाले दो सूक्ष्म गोले 30 cm दूर स्थित हैं।(a) दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के मध्य बिन्दु पर, और - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

1.5 μC और 2.5 μC आवेश वाले दो सूक्ष्म गोले 30 cm दूर स्थित हैं।

  1. दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के मध्य बिन्दु पर, और
  2. मध्य बिन्दु से होकर जाने वाली रेखा के अभिलम्ब तल में मध्य बिन्दु से 10 cm दूर स्थित किसी बिन्दु पर विभव और विद्युत-क्षेत्र ज्ञात कीजिए।
संख्यात्मक

उत्तर

(a) मध्य बिन्दु की प्रत्येक आवेश से दूरी

rA = rB = 0.15 m

मध्य बिन्दु पर विभव

V = `"V"_"A" + "V"_"B" = 9 xx 10^9 ["q"_"A"/"r"_"A" + "q"_"B"/"r"_"B"]`

`= 9 xx 10^9 [(1.5 xx 10^-6)/0.15 + (2.5 xx 10^-6)/0.15]`

= 2.4 × 105 V

माना qA व qB के कारण विद्युत क्षेत्र EA तथा EB है तब EA > EB

∴ मध्य बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र

E = `"E"_"B" - "E"_"A" = 9 xx 10^9 xx "q"_"B"/"r"_"B"^2 - 9 xx 10^9 xx "q"_"A"/"r"_"A"^2`

`= 9 xx 10^9 [(2.5 xx 10^-6)/(0.15 xx 0.15) - (1.5 xx 10^-6)/(0.15 xx 0.15)]`

⇒ E = 4.0 × 105 Vm-1 बड़े छोटे आवेश की दिशा में

(b)

माना हमें बिन्दु P पर विद्युत विभव तथा विद्युत क्षेत्र ज्ञात करना है।

तब AP2 = BP2 = 152 + 102

= 325 = 25 × 13

⇒ AP = BP = `5sqrt13` cm

= 18 cm = 0.18 m

∴ बिन्दु P पर विभव

V = `"V"_"A" + "V"_"B" = 9 xx 10^9[(2.5 xx 10^-6)/0.18 + (1.5 xx 10^-6)/0.18]`

= 2 × 105 V

बिन्दु P पर qA के कारण विद्युत क्षेत्र

`"E"_"A" = 9 xx 10^9 xx (1.5 xx 10^-6)/((0.18)^2)`

= 4.17 × 105 N/C      AP दिशा में

qB के कारण बिन्दु P पर विद्युत क्षेत्र

`"E"_"B" = 9 xx 10^9 xx (2.5 xx 10^-6)/((0.18)^2)`

= 6.94 × 105 N/C      BP दिशा में

माना ∠APO = ∠BPO = a

तब `tan alpha = "AO"/"OP" = 15/10 = 1.5`

∴ `alpha = tan^-1 (1.5) = 56.3^circ`

∴ EA तथा EB के बीच का कोण `theta = 2alpha = 112.6^circ`

∴ बिन्दु P पर परिणामी विद्युत क्षेत्र E = `sqrt(["E"_"A"^2 + "E"_"B"^2 + 2"E"_"A""E"_"B" cos theta])`

`= 10^5 sqrt([(4.17)^2 + (6.94)^2 + 2 xx 4.17 xx 6.94 xx (- 0.38)])`

E = 6.6 × 105 Vm-1

माना परिणामी क्षेत्र BP दिशा से (EB की दिशा से) β कोण बनाता है, तब

`tan beta = ("E"_"A" sin theta)/("E"_"B" + "E"_"A" cos theta)    ...[(sin theta = sin 112.6^circ = 0.92),(cos theta = cos 112.6^circ = - 0.38)]`

`= (4.17 xx 0.92)/(6.94 + 4.17 xx (- 0.38))` = 0.715

`=> beta = tan^-1 (0.715) = 35.6^circ`

∴ परिणामी क्षेत्र द्वारा BA दिशा से बनाया गया कोण

`phi = angle"ABP" + beta = 90^circ - alpha + 35.6^circ`

`= 90^circ - 56.3^circ + 35.6^circ = 69.3^circ`

अतः परिणामी क्षेत्र 6.6 × 105 Vm-1 है जो BA 69° का कोण बनाता है।

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बिंदु आवेश के कारण विभव
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अध्याय 2: स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता - अभ्यास [पृष्ठ ८७]

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एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 12
अध्याय 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
अभ्यास | Q 2.14 | पृष्ठ ८७

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