Advertisements
Advertisements
प्रश्न
27°C पर 1.8 cm लंबे किसी ताँबे के तार को दो दृढ़ टेकों के बीच अल्प तनाव रखकर थोड़ा कसा गया है। यदि तार को -39°C ताप तक शीतित करें तो तार में कितना तनाव उत्पन्न हो जाएगा? तार का व्यास 2.0 mm है। पीतल को रेखीय प्रसार गुणांक = 2.0 x 10-5 k-1, पीतल का यंग प्रत्यास्थता गुणांक = 0.91 x 1011Pa।
उत्तर
दिया है : T1 = 27°C, T2 = -39°C,
ताप परिवर्तन ∆T = [27 -(-39)] = 66°C या 66 K, तार की लंबाई L = 1.8 cm
तार का व्यास 2r = 2.0 mm
∴ त्रिज्या r = 1.0 × 10-3m
रेखीय प्रसार गुणांक α = 2.0 × 10-5 K-1
तथा यंग प्रत्यास्थता गुणांक Y = 0.91 × 1011 Pa
ठंडा करने पर तार की लंबाई में कमी ΔL = LαΔT = 1.8 cm × 2.0 × 10-5 K-1 × 66 K
= 0.0024 cm
परन्तु तार दृढ़ टेंकों के बीच बंधा है ; अतः यह सिकुड़ नहीं पाएगा और इसमें तनाव उत्पन हो जाएगा।
तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल
A = πr2 = 3.14 × (1.0 × 10-3 m)2
= 3.14 × 10-6 m2
सूत्र, `"Y" = ("F"//"A")/(triangle"L"//"L")` से,
तार में तनाव `"F" = "YA" (triangle"L")/"L"`
`= 0.91 xx 10^11 "Pa" xx 3.14xx 10^-6 m^2 xx (0.0024 "cm")/(1.8 "cm)"`
= 380 N
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
किसी 1 m लंबे स्टील के फीते का यथार्थ अंशांकन 27.0°C पर किया गया है। किसी तप्त दिन जब ताप 45°C था तब इस फीते से किसी स्टील की छड़ की लंबाई 63.0 cm मापी गई। उस दिन स्टील की छड़ की वास्तविक लंबाई क्या थी? जिस दिन ताप 27.0°C होगा उस दिन इसी छड़ की लंबाई क्या होगी? स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.20 × 10-5 K-1।
ताँबे की चादर में एक छिद्र किया गया है। 27.0°C पर छिद्र का व्यास 4.24 cm है। इस धातु की चादर को 227°C तक तप्त करने पर छिद्र के व्यास में क्या परिवर्तन होगा? ताँबे का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.70 x 10-5K-1।
50 cm लंबी तथा 3.0 mm व्यास की किसी पीतल की छड़ को उसी लंबाई तथा व्यास की किसी स्टील की छड़ से जोड़ा गया है। यदि ये मूल लंबाईयाँ 40°C पर हैं तो 250°C पर संयुक्त छड़ की लंबाई में क्या परिवर्तन होगा? क्या संधि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न होगा? छड़ के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है। (ताँबे तथा स्टील के रेखीय प्रसार गुणांक क्रमशः 2.0 × 10-5 k-1 तथा 1.2 × 10-5 × k-1 हैं।)
ग्लिसरीन का आयतन प्रसार गुणांक 49 × 10-5 K-1 है। ताप में 30°C की वृद्धि होने पर इसके घनत्व में क्या आंशिक परिवर्तन होगा?
8.0 kg द्रव्यमान के किसी ऐलुमिनियम के छोटे ब्लॉक में छिद्र करने के लिए किसी 10 kw की बरमी का उपयोग किया गया है। 2.5 मिनट में ब्लॉक के ताप में कितनी वृद्धि हो जाएगी? यह मानिए कि 50% शक्ति तो स्वयं बरमी को गर्म करने में खर्च हो जाती है अथवा परिवेश में लुप्त हो जाती है। ऐलुमिनियम की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.91 J g-1K-1 है।