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473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तोPClX5(g)↽−−⇀PClX3(g)+ClX2(g); ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1 यदि और अधिक PCl5 मिलाया जाए - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

यदि

  1. और अधिक PCl5 मिलाया जाए,
  2. दाब बढ़ाया जाए तथा
  3. ताप बढ़ाया जाए, तो Kc पर क्या प्रभाव होगा?
टिप्पणी लिखिए

उत्तर

  1. कोई प्रभाव नहीं।
  2. कोई प्रभाव नहीं।
  3. चूँकि दी गयी अभिक्रिया ऊष्माक्रिया है, अतः ताप बढ़ाने पर Kc बढ़ेगा।
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अल्पविलेय लवणों की विलेयता साम्यावस्था
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: साम्यावस्था - अभ्यास [पृष्ठ २३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 7 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.30 (ग) | पृष्ठ २३१

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\[\ce{FeO(s) + CO(g) ⇌ Fe(s) + CO2(g)}\]; Kp = 0.265 atm at 1050 K
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473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो

\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

अभिक्रिया के लिए Kc का व्यंजक लिखिए।


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