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प्रश्न
500 mL की क्षमता के दो बीकर लिए गए। इसमें से "A" चिन्हित बीकर में 400 mL जल भरा गया जबकि "B" चिन्हित बीकर में NaCl के 2M विलयन का 400 mL भरा गया। दोनों बीकरों को एक ही पदार्थ से बने समान क्षमता वाले बंद पात्र में चित्र के अनुसार रखा गया। दिए गए ताप पर शुद्ध जल के वाष्प दाब तथा NaCl विलयन के वाष्पदाब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
विकल्प
(A) पात्र में वाष्प दाब (B) पात्र की तुलना में अधिक होगा।
(A) पात्र में वाष्प दाब (B) पात्र की तुलना में कम होगा।
दोनों पात्रों में वाष्प दाब समान होगा।
पात्र (B) में वाष्प दाब पात्र (A) में वाष्प दाब से दुगुना होगा।
उत्तर
(A) पात्र में वाष्प दाब (B) पात्र की तुलना में अधिक होगा।
स्पष्टीकरण -
NaCl जब जल में घुल जाता है तो वाष्प के दबाव को कम कर देता है और मिश्रण का कुल दबाव शुद्ध जल से कम होता है। यह राउल्ट के नियम पर आधारित है जहां वाष्प का दबाव विलेय अणुओं के मोल अंश पर निर्भर करता है। साथ ही जैसे ही हम एक गैर-वाष्पशील विलेय जोड़ते हैं, विलायक कणों द्वारा कवर किए गए क्षेत्र में कमी होती है क्योंकि विलेय कण उनकी जगह लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप कम विलायक कण सतह से बच जाते हैं और इस प्रकार वाष्प के दबाव में कमी आती है।
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निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना-
- ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराओणिकक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं के लगभग बराबर हैं।
- एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
- क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।
हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।
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ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?
कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) राउल्ट का नियम | (a) ΔTf = Kfm |
(ii) हेनरी का नियम | (b) Π = CRT |
(iii) क्वथनांक में उन्नयन | (c) p = x1p1° + x2p2° |
(iv) हिमांक में अवनमन | (d) ΔTb = Kbm |
(v) परासरण दाब | (e) p = KH·x |
कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए व्यंजकों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I |
कॉलम II |
(i) द्रव्यमान प्रतिशत |
(a) `"विलेय अवयव के मोलों की संख्या"/"विलयन का आयतन लिटर में"` |
(ii) आयतन प्रतिशत |
(b) `"किसी अवयव के मोलों की संख्या"/"सभी घटकों के मोलों की कुल संख्या"` |
(iii) मोल अंश |
(c) `"विलयन में विलेय अवयव का आयतन"/"विलयन का कल आयतन" xx 100` |
(iv) मोललता |
(d) `"विलयन में विलेय अवयव का द्रव्यमान"/"विलयन का कुल आयतन" xx 100` |
(v) मोलरता |
(e) `"किसी (विलेय) अवयव के मोलों की संख्या"/ "विलायक का द्रव्यमान किलोग्राम में"` |
निम्नलिखित विलयन के लिए राउल्ट के नियम का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विलयन का कल वाष्प दाब अवयवों के मोल अंश से कैसे संबद्ध है?
CHCl3 (l) तथा CH2Cl2 (l)
द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।