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प्रश्न
आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए ‘चुनिंदा शेर’ कविता का रसास्वादन कीजिए।
उत्तर
‘चुनिंदा शेर’ इस कविता के कवि कैलाश सेंगर जी ने परिश्रम के महत्त्व को स्पष्ट किया है। उनका मानना है कि जिंदगी की आपाधापी में व्यक्ति मानवता से दूर होता चला जा रहा है। अँधेरों से जो टकराने का साहस रखते हैं, उनको ही रोशनी मिलती है। लोगों के स्वप्न देखने की बात पर ‘सेंगर जी’ कहते हैं कि मात्र सपने देखने से सफलता नहीं प्राप्त होती बल्कि व्यक्ति को उसे हासिल करने के लिए प्रयास भी करना पड़ता है। व्यक्ति को अपने दुखों को छिपाने आना चाहिए। यह दुनिया दूसरों की कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश करती है, इसलिए सदैव अपने गम को छुपाकर मुस्कुराने की आदत बना लेनी चाहिए।
प्रेम मानवता रूपी संबंध को जोड़ने का कार्य करता है, इसलिए हम लोगों को प्रेम और सहयोग के साथ रहना चाहिए। स्वच्छता के माध्यम से समाज की मानसिकता को भी साफ रखा जा सकता है। व्यक्ति के अंदर सहने की क्षमता होनी चाहिए अन्यथा वह दूसरों के साथ स्वयं का भी नाश कर बैठता है। संघर्ष करने वालों के रास्ते में कष्ट भी आने से घबड़ाता है और अपना रास्ता बदल लेता है। इस समाज में रहने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से जकड़ा रहता है। वे ईश्वर से प्रार्थना करते है कि समाज में रहने वाले हर एक व्यक्ति का जीवन खुशहाल हो जाए।
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लिखिए :
परिंदों को यह शिकायत है - ________________________
लिखिए :
नदी के प्रति उत्तरदायित्व - ________________________
परिणाम लिखिए :
पानी सर से गुजर जाएगा तो - ________________________
परिणाम लिखिए :
कवि जिंदगी के सवालों में खो गए - ________________________
‘क्रांति कभी भी अपने-आप नहीं आती; वह लाई जाती है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
कैलाश सेंगर जी की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम - ________________________
निम्नलिखित प्रश्न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
ग़ज़ल इस भाषा का लोकप्रिय काव्य प्रकार है - ______
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है। परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक। हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए। चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(१) उत्तर लिखिए: (१)
- परिंदों को यह शिकायत है:
(२) परिणाम लिखिए: (१)
- हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:
(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)
- पक्षी - ______
- सपना - ______
- प्रश्न - ______
- उत्तर - ______
(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
निम्नलिखित पठित काव्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
जब भी पानी किसी के सर से गुजर जाएगा। × × × × आँखों में बहुत बाढ़ है, शेष सब कुशल। × × × × सड़क ने जब मेरे पैरों की उँगलियाँ देखीं; × × × × साँस हमारी हमें पराये धन-सी लगती है, × × × × किसी का सर खुला है तो किसी के पाँव बाहर हैं, × × × × वह जो मजदूर मरा है, वह निरक्षर था मगर, |
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए: (2)
- पानी सर से गुजर जाने का अर्थ क्या है ?
- आँखों से आँसू बाढ़ की तरह क्यों बहते रहते हैं ?
- मजदूर रोज क्या लिखता था ?
- कवि को अपनी साँस कैसी लगती है?
2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: (2)
- नदी - ______
- उँगलियाँ - ______
- किताब - ______
- आँखों - ______
3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए। (2)
'आकाश के तारे तोड़ लाना' - इस मुहावरे को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।