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आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है?

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उत्तर

कन्या माता पिता के लिए कोई वस्तु नहीं है बल्कि उसका सम्बन्ध उनके भावनाओं से है। दान वस्तुओं का होता है। बेटियों के अंदर भी भावनाएँ होती हैं। उनका अपना एक अलग अस्तित्व होता है। विवाह के पश्चात् उसका सम्बन्ध नए लोगों से जुड़ता है परन्तु पुराने रिश्तों को छोड़ देना दु:खदायक होता है। अत: कन्या का दान कर उसे त्याग देना उचित नहीं है।

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कन्यादान
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अध्याय 8: ऋतुराज - कन्यादान - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ५१]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 8 ऋतुराज - कन्यादान
प्रश्न-अभ्यास | Q 6 | पृष्ठ ५१

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