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आपके अनुसार ‘अनेकता में एकता’ का विचार भारत के लिए कैसे उपयुक्त है? भारत की खोज किताब से लिए गए इस वाक्यांश में नेहरू भारत की एकता के बारे में क्या कहना चाह रहे हैं? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

आपके अनुसार ‘अनेकता में एकता’ का विचार भारत के लिए कैसे उपयुक्त है? भारत की खोज किताब से लिए गए इस वाक्यांश में नेहरू भारत की एकता के बारे में क्या कहना चाह रहे हैं?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

भारत की विविधता या अनेकता को उसकी ताकत का स्रोत माना गया है। जब अंग्रेजों का भारत पर शासन था तो विभिन्न धर्म, भाषा और क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों ने अंग्रेजों के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अलग-अलग परिवेशों के लोग शामिल थे। उन्होंने एकजुट होकर आंदोलन किया, इकट्ठ जेल गए और अंग्रेजों को अलग-अलग तरीकों से विरोध किया। लोगों ने दिखा दिया कि वे एक-दूसरे से चाहे कितने ही भिन्न हो, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई में वे सब एक हैं।

जवाहरलाल नेहरू ने अपनी किताब ‘भारत की खोज में लिखा कि भारतीय एकता कोई बाहर से थोपी हुई चीज है, बल्कि यह बहुत ही गहरी है जिसके अंदर अलग-अलग तरह के विश्वास और प्रथाओं को
स्वीकार करने की भावना है। इसमें विविधता को पहचाना और प्रोत्साहित किया जाता है।”

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विविधता में एकता
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अध्याय 1: विविधता की समझ - अभ्यास [पृष्ठ १४]

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एनसीईआरटी Social Science - Social and Political Life 1 [Hindi] Class 6
अध्याय 1 विविधता की समझ
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १४
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