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आशय स्पष्ट करें- सस्मित-वदन जगत का स्वामी मृदु गति से आता है। तट पर खड़ा गगन-गगा के मधुर गीत गाता है। - Hindi (Core)

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प्रश्न

आशय स्पष्ट करें-

सस्मित-वदन जगत का स्वामी मृदु गति से आता है।
तट पर खड़ा गगन-गगा के मधुर गीत गाता है।

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

इन पंक्तियों में कवि रात्रि के सौंदर्य का वर्णन करता है। वह बताता है कि संसार का स्वामी मुस्कराते हुए धीमी गति से आता है तथा तट पर खड़ा होकर आकाश-गंगा के मधुर गीत गाता है।

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पथिक
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अध्याय 2.03: पथिक - अभ्यास [पृष्ठ १४४]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
अध्याय 2.03 पथिक
अभ्यास | Q 3. (क) | पृष्ठ १४४

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