'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के अनुसार, मनुष्य की स्वार्थपूर्ण गतिविधियों और प्रकृति के प्रति लापरवाह रवैये के कारण समुद्र अपने क्रोध पर नियंत्रण खो बैठा। मनुष्यों द्वारा किए गए अत्यधिक दोहन और पर्यावरण असंतुलन से समुद्र में भयंकर सुनामी आई, जिससे तटीय क्षेत्रों में भारी विनाश हुआ। इस आपदा ने कई लोगों की जान ली और बस्तियाँ तबाह हो गईं, जिससे मनुष्य को अपनी गलतियों का एहसास हुआ।
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प्रश्न
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए:
'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि ऐसा क्या हुआ कि समुद्र अपने क्रोध पर नियंत्रण खो बैठा और उसका क्या दुष्परिणाम निकला?
लघु उत्तरीय
उत्तर
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