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अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपदानां सन्धिपदं सन्धिच्छेदपदं वा चिनुत - तनुः पेषयद्‌ भ्रमति सदा वक्रम्‌। - Sanskrit

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प्रश्न

अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपदानां सन्धिपदं सन्धिच्छेदपदं वा चिनुत -

तनुः पेषयद्‌ भ्रमति सदा वक्रम्‌।

विकल्प

  • पेषयन्‌ + भ्रमति 

  • पेषयद + भ्रमति

  • पेषयत + भ्रमति

  • पेषयत्‌ + भ्रमति

MCQ

उत्तर

पेषयत्‌ + भ्रमति

व्याख्या:

जश्‌ (जशत्व) सन्धि सूत्र के अनुसार प्रथम शब्द के अन्त में स्थित वर्णो के पहले वर्ण को उसी वर्ग का तीसरा वर्ण हो जाता है, यदि उसके बाद किसी भी वर्ग का तीसरा चौथा, पाँचवा अक्षर हो जैसे- यहाँ ' पेषयद्‌ भ्रमति में 'द' तीसरा अक्षर के वाद वर्ग का चौथा अक्षर 'भ' आया है।

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2021-2022 (April) Term 1
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