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प्रश्न
अलाभकारी संस्थाओं का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
अलाभकारी संस्थाओं से आशय ऐसे संस्थानों से है जिनका प्रयोग सामाजिक कल्याण के लिए होता है तथा जिनका निर्माण धार्मिक संस्थानों, जिनका उद्देश्य लाभ से प्रेरित नहीं होता है। इनका मुख्य उद्देश्य किसी विशिष्ट समूह या समस्त जनता को सेवाएँ प्रदान करना होता है। आमतौर पर यह किसी प्रकार का उत्पादन, क्रय या वस्तुओं का विक्रम और किसी प्रकार का उधार लेने-देन नहीं करती। इसलिए इन्हें लेखा पुस्तकों और व्यापारिक और लाभ तथा हानि खाता बनाने की आवश्यकता नहीं होती। इन संस्थानों द्वारा बनाई गई निधि पूँजी निधि अथवा सामान्य निधि में जमा की जाती है। आमतौर पर इनकी आय का मुख्य स्त्रोत, इसके सदस्यों से प्राप्त अनुदान तथा दान, सहायता विनिवेश से प्राप्त आय इत्यादि हो सकता है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर यह वित्तीय विवरण तैयार करती है तथा अपनी वित्तीय स्तिथि के लिए आय तथा व्यय विवरण तैयार करती है और उन्हें वैधानिक प्राधिकरण में जमा करवाती है जिसे समिति पंजीकृत कहा जाता है।