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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

अंतर स्पष्ट कीजीए। समसूत्री और अर्धगुणसूत्री कोशिका विभाजन - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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प्रश्न

अंतर स्पष्ट कीजीए।

समसूत्री और अर्धगुणसूत्री कोशिका विभाजन

अंतर स्पष्ट करें

उत्तर

समसूत्री विभाजन अर्धगुणसूत्री विभाजन
1. समसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन नहीं होता है। द्विगुणित कोशिका, द्विगुणित कोशिका के स्वरूप में बनी रहती है। 1. अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। द्विगुणित कोशिका अगुणित कोशिका में रूपांतरित हो जाती है।
2. एक जनक कोशिका से दो संतति कोशिका (Daughter Cells) निर्मित होती हैं। 2. एक जनक कोशिका से चार संतति कोशिका (Daughter Cells) निर्मित होती हैं।
3. समसूत्री विभाजन में चार अवस्थाएँ होती हैं: पूर्वावस्था, मध्यावस्था, पश्चावस्था, अंत्यावस्था। 3. अर्धसूत्री विभाजन में दो चरण होते हैं : अर्धगुणसूत्री विभाजन भाग - I तथा भाग - II। प्रत्येक भाग की पुनः पूर्वावस्था, मध्यावस्था, पश्चावस्था तथा अंत्यावस्था ऐसी चार अवस्थाएँ होती हैं।
4. समसूत्री विभाजन की पूर्वावस्था की कालावधि अधिक नहीं होती है। 4. अर्धसूत्री विभाजन की भाग - I की पूर्वावस्था की कालावधि अत्याधिक होती है।
5. समसूत्री विभाजन में समजात गुणसूत्रों में जनुकीय पुनर्संयोग नहीं होता है। 5. अर्धसूत्री विभाजन में समजात गुणसूत्रों में जनुकीय पुनर्संयोग होता है।
6. समसूत्री विभाजन शरीर के विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक है। 6. अर्धसूत्री विभाजन लैंगिक प्रजनन में युग्मक के निर्माण के लिए आवश्यक है।
7. समसूत्री विभाजन कायिक कोशिका तथा जनन कोशिका दोनों में होता है। 7. अर्धसूत्री विभाजन केवल जनन कोशिका में होता है। तथा कायिक कोशिका में नहीं होता।
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कोशिका विभाजन : एक आवश्यक जीवन प्रक्रिया (Cell Division: an Essential Life Process)
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अध्याय 2: सजीवों में जीवनप्रक्रिया भाग -1 - स्वाध्याय [पृष्ठ २१]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology 2 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 2 सजीवों में जीवनप्रक्रिया भाग -1
स्वाध्याय | Q 3. आ. | पृष्ठ २१
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