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प्रश्न
अन्यत्र
अपने एटलस में मिस्र ढूँढो। नील नदी के आसपास वाले इलाकों को छोड़कर मिस्र का अधिकांश भाग रेगिस्तान है।
लगभग 5000 साल पहले मिस्र में शासन करने वाले राजाओं ने सोना, चाँदी, हाथी दाँत, लकड़ी और हीरे-जवाहरात लाने के लिए अपनी सेनाएँ दूर-दूर तक भेजीं। इन्होंने बड़े-बड़े मकबरे बनवाए जिन्हें ‘पिरामिड’ के नाम से जाना जाता है।
राजाओं के मरने पर उनके शवों को इन्हीं पिरामिडों में दफ़नाकर सुरक्षित रखा जाता था। इन शवों को ममी कहा जाता है। उनके शवों के साथ और भी अनेक चीजें दफनायी जाती थीं। इनमें खाद्यान्न, पेय, वस्त्र, गहने, बर्तन, वाद्ययंत्र, हथियार और जानवर शामिल हैं। कभी-कभी शव के साथ उनके सेवक और सेविकाओं को भी दफना दिया जाता था। दुनिया के इतिहास में शवों को दफनाने की परंपरा को देखते हुए मिस्र में सबसे ज्यादा धन-दौलत खर्च किया जाता। था।
क्या तुम्हें लगता है, कि मरने के बाद इन राजाओं को इन चीजों की जरूरत पड़ी होगी?
उत्तर
नहीं, क्योंकि मरने के पश्चात मनुष्य किसी सांसारिक वस्तु का उपभोग नहीं कर सकता है। इसलिए मरने के
बाद राजा भी इन चीजों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं और उन्हें भी इन चीजों की आवश्यकता नहीं पड़ी होगी।