हिंदी

अपने घर में या आस-पास किसी पक्षी का घोंसला ध्यान से देखो। ध्यान रहे, घोंसले के बहुत पास नहीं जाना और उसे छूना भी नहीं। गलती से भी छू लिया - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अपने घर में या आस-पास किसी पक्षी का घोंसला ध्यान से देखो। ध्यान रहे, घोंसले के बहुत पास नहीं जाना और उसे छूना भी नहीं। गलती से भी छू लिया, तो फिर पक्षी घोंसले में दोबारा नहीं आएँगे।

कुछ दिन तक किसी एक घोंसले को देखो और इन बातों को पता करके लिखो-

  • घोंसला कहाँ पर बना है?
  • किन-किन चीज़ों से बना है?
  • क्या घोंसला बन चुका है या पक्षी अभी भी इसे बना रहा है?
  • क्या पक्षी को पहचानते हो? कौन-सा पक्षी है?
  • पक्षी घोंसले में क्या-क्या लेकर आते हैं?
  • क्या घोंसले में कोई पक्षी बैठा है?
  • तुम्हें क्या लगता है, घोंसले में अंडे हैं?
  • क्या घोंसले से कुछ आवाज़ें (चीं-चीं) आ रही हैं?
  • अगर घोंसले में बच्चे हैं, तो उनके माँ-बाप खाने के लिए क्या-क्या लाते हैं?
  • पक्षी एक घंटे में कितनी बार घोंसले पर आते हैं?
  • बच्चे कितने दिन बाद घोंसला छोड़कर उड़ गए?
  • तुमने जो घोंसला देखा उसका चित्र कॉपी में बनाओ।
संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  • घोंसला पेड़ की एक डाल पर बना है।
  • घोंसला घास एवं तिनकों से बना है।
  • घोंसला बन चुका है।
  • हाँ, यह एक कौवा है।
  • पक्षी घोंसले में कीड़े तथा रोटी के टुकड़े एवं अनाज के दाने लेकर आते हैं।
  • हाँ, घोंसले में पक्षी बैठा है।
  • नहीं। मुझे लगता है घोंसले में अंडे नहीं हैं।
  • हाँ, घोंसले में से चीं-चीं की आवाज आ रही है।
  • उनके माँ-बाप खाने के लिए अनाज के दाने, रोटी के टुकड़े तथा कीड़े आदि लाते हैं।
  • पक्षी एक घंटे में दो से तीन बार घोंसले पर आते हैं।
  • बच्चे लगभग एक महीने बाद घोंसला छोड़कर उड़ गए।

shaalaa.com
चूँ-चूँ करती आई चिड़िया
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 16: चूँ-चूँ करती आई चिड़िया - प्रश्नावली [पृष्ठ १३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 16 चूँ-चूँ करती आई चिड़िया
प्रश्नावली | Q 9 | पृष्ठ १३१

संबंधित प्रश्न

गिजुभाई बधेका ने यह पत्र कितने साल पहले लिखा था?


पता करो, तुम्हारे दादा, दादी, नाना और नानी उस समय कितने साल के थे?


बूझो और पहचानो-

‘एक पक्षी ऐसा जिसकी दुम पर पैसा,
सिर से दुम तक दिखे नीला ही नीला।’

(संकेत: हमारा राष्ट्रीय पक्षी)


क्या बसंत गौरी की तरह कोई और पक्षी भी पेड़ के तने में घोंसला बनाता है?


तुमने देखा, पक्षी घोंसला बनाने के लिए अलग-अलग चीज़ें इस्तेमाल करते हैं। उन में से कुछ चीज़ें इस्तेमाल करके तुम एक घोंसला तैयार करो। इसमें एक छोटा-सा कागज़ का पक्षी बिठाओ।


  • कक्षा के बच्चे तीन समूहों में बँट जाएँ। हर एक बच्चा एक जानवर का चित्र बनाए और उसमें रंग भरे। चित्र पूरा होने पर उसे अलग काट लें।
  • अब, पहले समूह के बच्चे एक बड़े चार्ट पर भूरा रंग करें और उस पर छोटी-छोटी घास, मिट्टी आदि दिखाएँ। अब उस पर, ज़मीन पर मिलने वाले जानवरों के चित्र चिपकाएँ।
  • दूसरे समूह के बच्चे चार्ट पर पानी और छोटे-छोटे पत्थर दिखाएँ। पानी में उगने वाले पौधे भी बनाएँ। अब, जो जानवर पानी में रहते हैं, उनके चित्र इस चार्ट पर चिपकाएँ।
  • तीसरे समूह के बच्चे चार्ट पर पेड़ बनाकर उसमें रंग भरें। अब इस पर पेड़ों पर रहने वाले जानवरों के चित्र चिपकाएँ।
  • इन तीनों चार्टों को अपनी कक्षा में सजाओ। उन पर चर्चा करें।

अपने दोस्तों के दाँत देखो। क्या दाँत अलग-अलग तरह के हैं? सामने और पीछे के एक-एक दाँत का चित्र कॉपी में बनाओ।

क्या तुम इन दाँतों में कोई अंतर देख सकते हो?


तुम्हारे सामने के, (ऊपर और नीचे के) दाँत नहीं हैं। तुम अमरूद कैसे खाओगे? करके दिखाओ।


अगर तुम्हारे दाँत ही न हों, तो तुम कैसे दिखोगे। कॉपी में चित्र बनाओ।


जिन बूढ़े लोगों के दाँत नहीं होते हैं, वे किस तरह की चीज़ें नहीं खा पाते हैं? पता लगाओ।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×