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प्रश्न
अर्धसूत्री विभाजन के बाद बनने वाली चार संतति कोशिकाएँ कहाँ आकार में समान व कहाँ भिन्न आकार की होती हैं?
उत्तर १
- अर्धसूत्री विभाजन द्वारा युग्मक निर्माण होता है।
- शुक्राणुजनन में मातृ कोशिका के विभाजन से बनने वाली चारों पुत्री कोशिकाएँ समान होती हैं। ये शुक्रकायान्तरण द्वारा शुक्राणु का निर्माण करती हैं। शुक्रजनन में बनने वाली चारों संतति कोशिकाएँ आकार में समान होती हैं।
- अण्डजनन में मातृ कोशिका से बनने वाली संतति कोशिकाएँ आकार में भिन्न होती हैं। अण्डनन के फलस्वरूप एक अण्डाणु तथा पोलर कोशिकाएँ बनती हैं। पोलर कोशिकाएँ आकार में छोटी होती हैं।
- पौधों के बीजाण्ड में गुरुबीजाणुजनन (अर्धसूत्री विभाजन) के फलस्वरूप गुरुबीजाणु से चार कोशिकाएँ बनती हैं।
- इनमें आधारीय कोशिका अन्य कोशिकाओं से भिन्न होती है। यह वृद्धि और विभाजन द्वारा भ्रूणकोष बनाता है। पौधों में लघु-बीजाणु जनन द्वारा लघु बीजाणु या परागकण बनते हैं। ये आकार में समान होते हैं।
उत्तर २
एक सामान्य स्तनधारी जीव (यानी मनुष्य) में नर युग्मक (शुक्राणु) के निर्माण के दौरान, अर्धसूत्रीविभाजन से बनने वाली चार संतति कोशिकाएँ आकार में बराबर होती हैं। दूसरी ओर, एक सामान्य स्तनधारी जीव (यानी मनुष्य) में मादा युग्मक (यानी अंडाणु) के निर्माण के दौरान, चार संतति कोशिकाएँ आकार में असमान होती हैं।
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