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प्रश्न
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
सदैव सत्य के पथ पर चलो।
उत्तर
सदैव सत्य के पथ पर चलो।- आज्ञार्थक वाक्य
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निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो :
-
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
बच्चों ने कहा, ‘‘कृपया हमें अंतरिक्ष के बारे में बताऍं।’’
सूचनाओंके अनुसार कृतियाँ कीजिए:
1. निम्नलिखित वाक्य में अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए: (01)
श्रमजीवियों की मजदूरी एवं आमदनी कम है।
2. निम्नलिखित अव्ययों में से किसी एक अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए: (01)
- वाह!
- के साथ
3. कृति पूर्ण कीजिए: (01)
शब्द | संधि-विच्छेद | संधि प्रकार |
______ | अंत: + चेतना | ______ |
अथवा | ||
सज्जन | ______ +______ | ______ |
4. निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए: (01)
- टैक्सी एक पतली-सी सड़क पर दौड़ पड़ी।
- यहाँ सुबह-सुबह बड़ी मात्रा में मछलियाँ पकड़ी गइर्।
सहायक क्रिया | मूल क्रिया |
______ | ______ |
______ | ______ |
5. निम्नलिखित में से किसी एक क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक क्रियारूप लिखिए: (01)
क्र | क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
1. | फैलना | ______ | ______ |
2. | लिखना | ______ | ______ |
6. निम्नलिखित मुहावरों में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: (01)
- शेखी बघारना -
- निछावर करना -
अथवा
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए कोष्ठक में दिए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए:
(बोलबाला होना, दुम हिलाना)
सिरचन को बुलाओ, चापलूसी करता हुआ हाजिर हो जाएगा।
7. निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य में प्रयुक्त कारक चिह्न पहचानकर उसका भेद लिखिए: (01)
- करामत अली ने हौका भरते हुए कहा।
- पर्यटन में बहुत ही आनंद मिला।
8. निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए: (01)
मैंने कराहते हुए पूछा ’मैं कहाँ हूँ“
9. निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों का कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए: (02)
- सातों तारे मंद पड़ गए। (पूर्ण वर्तमानकाल)
- रूपा दौड़ते-दौड़ते व्याकुल होती है। (अपूर्ण भूतकाल)
- हम अपने प्रियजनों, परिचितों, मित्रों को उपहार देते हैं। (सामान्य भविष्यकाल)
10.
- निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए: (01)
काकी बुद्धिहीन होते हुए भी इतना जानती थी कि मैं वह काम कर रही हूँ। - निम्नलिखित वाक्यों में से किसी एक वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए: (01)
- तुम्हें अपना ख्याल रखना चाहिए। (आज्ञार्थक वाक्य)
- मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)
11. निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए:म्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए: (02)
- इस बार मेरी सबसे छोटि बहन पहली बार ससूराल जा रही थी।
- आपने भ्रमन तो काफी की हैं।
- व्यवस्थापकों और पुँजी लगाने वालों को हजारो-लाखो का मिलना गलत नहीं माना जाता।
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
अनेक
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
परिच्छेद में आए सर्वनामों की सूची तैयार कीजिए।
भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
टोपी पहनना
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
चिह्न | नाम | वाक्य |
“.......” |
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
चिह्न | नाम | वाक्य |
; |