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असंगजनन का क्या महत्त्व है? - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

असंगजनन का क्या महत्त्व है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

विंकलर ने 1908 में असंगजनन शब्द की शुरुआत की। असंगजनन लैंगिक प्रजनन का एक असामान्य प्रकार है जिसमें अंड या अंड से जुड़ी अन्य कोशिकाएँ (सहाय, प्रतिव्यासांत, आदि) बिना निषेचन और अर्धसूत्री विभाजन के साथ या उसके बिना भ्रूण में विकसित होती हैं। कई खाद्य और सब्जी फसलों के संकर संस्करण व्यापक रूप से उगाए जाते हैं। संकर की खेती ने उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की। संकर के साथ चुनौतियों में से एक यह है कि हर साल संकर बीज पैदा करना होगा। यदि संकर बीज बोए जाते हैं, तो पौधे अलग हो जाएंगे और अपनी संकर विशेषताओं को खो देंगे। संकर बीज उत्पादन महंगा है, जिससे किसानों के लिए संकर बीज महंगे हो जाते हैं। यदि इन संकरों को असंगजनन में बदल दिया जाता है, तो संकर संतान में कोई चरित्र पृथक्करण नहीं होता है। किसान फिर हर साल नई फसल उगाने के लिए संकर बीजों का उपयोग करना जारी रख सकते हैं, जिससे हर साल संकर बीज खरीदने की आवश्यकता कम हो जाती है। असंगजनन भ्रूण आमतौर पर संक्रमण-मुक्त होते हैं।

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असंगजनन एवं बहुभ्रूणता
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