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अस्पृश्यता क्या है? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

अस्पृश्यता क्या है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

अस्पृश्यता एक सामाजिक कृत्य है जिसके अंतर्गत निचली जातियों के लोगों को कर्मकांड की दृष्टि से अशुद्ध माना जाता है। ऐसा भी माना जाता है। कि उसके स्पर्श करने से भी अन्य लोग अशुद्ध हो जाएँगे। जाति व्यवस्था के अधिक्रम में निचली जातियाँ सबसे नीचे होती हैं। इस तरह की निचली जातियाँ ज्यादातर सामाजिक संस्थाओं से बहिष्कृत कर दी गई हैं। यह जाति व्यवस्था का एक अत्यधिक जटिल पहलू है। सामाजिक शुद्धता की दृष्टि से अयोग्य माने जाने वाली जातियों के प्रति कठोर सामाजिक तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए वर्जनीय नियम लागू किए जाते हैं। जाति की अधिक्रमित व्यवस्था में उन्हें बाहर का व्यक्ति समझा जाता है।

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जाति और जनजाति - दो व्यवस्थाएं जो विषमता को कायम रखती है एवं न्यायसंगत सिद्ध करती है
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अध्याय 5: सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप - प्रश्नावली [पृष्ठ ११७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
अध्याय 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
प्रश्नावली | Q 6. | पृष्ठ ११७
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