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औपनिवेशिक काल में भारत की जनांकिकीय स्थिति को एक संख्यात्मक चित्रण प्रस्तुत करें। - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

औपनिवेशिक काल में भारत की जनांकिकीय स्थिति को एक संख्यात्मक चित्रण प्रस्तुत करें।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1. उच्च जन्म दर और मृत्यु दर-भारत जनांकिकीय संक्रमण के दूसरे चरण में था। अत: उच्च जन्म दर और गिरती मृत्यु दर के कारण इसे “जनसंख्या विस्फोट” का सामना करना पड़ रहा था।
  2. निम्न स्तरीय गुणात्मक पहलू-जनसंख्या के गुणात्मक पहलू भी कुछ उत्साहजनक नहीं रहे।
  1. उच्च शिशु मृत्यु दर-स्वतंत्रता के समय शिशु मृत्यु दर 218 प्रति हज़ार जितना उच्च था।
  2. व्यापक निरक्षरता-औसतन साक्षरता दर 16.5% से कम थी। केवल 7% महिलाएँ साक्षर थीं।
  3. निम्नस्तरीय जीवन प्रत्याशा-जीवन प्रत्याशा मात्र 32 वर्ष थी, जो नितांते अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का संकेत है।
  4. व्यापक गरीबी तथा निम्न जीवन स्तर-लोगों को अपनी आय का 80-90% हिस्सा आधारभूत आवश्यकताओं पर
    खर्च करना पड़ रहा था। कुल जनसंख्या का 52% हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे था। देश के कुछ हिस्सों में अकाल समान स्थितियों का सामना करना पड़ रहा था।
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जनांकिकीय परिस्थिति
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था - अभ्यास [पृष्ठ १४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Economics [English] Class 12
अध्याय 1 स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था
अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ १४
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