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बादलों पर सिल्वर आयोडाइड छिड़कने से कृत्रिम वर्षा उत्पन्न करना कैसे संभव हो जाता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

बादलों पर सिल्वर आयोडाइड छिड़कने से कृत्रिम वर्षा उत्पन्न करना कैसे संभव हो जाता है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

बादल कोलाईडल प्रकृति के होते हैं और उनमें आवेश होता है। विपरीत आवेश वाले बादलों के मिलने पर वर्षा होती है। बादलों पर सिल्वर आयोडाइड (विद्युत अपघट्य सहित) के छिडकाव के परिणाम स्वरूप स्कंदन होता है, जिसके कारण कृत्रिम वर्षा होती है। विपरीत आवेश वाले बादलों के मिलने पर कृत्रिम वर्षा होती है। सिल्वर आयोडाइड में विद्युत अपघट्य होते हैं जो बादलों पर छिड़के जाने (पहले से आवेश सहित) कृत्रिम वर्षा का कारण बनते हैं।

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अधिशोषण
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अध्याय 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ७३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q III. 42. | पृष्ठ ७३

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(क) \[\ce{2SO2(g) + O2 (g) ->[NO (g)] 2SO3 (g)}\]

(ख) \[\ce{2SO2 (g) ->[Pt (s)] 2SO3 (g)}\]

(ग) \[\ce{N2 (g) + 3H2 (g) ->[Fe(s)] 2NH3 (g)}\]

(घ) \[\ce{CH3COOCH3 (1) + H2O (l) ->[HCl (l)] CH3COOH (aq) + CH3OH (aq)}\]


फ्रॉयन्डलिक अधिशोषण समतापी को `x/m = k  p^(1/"n")` व्यंजक द्वारा दिया जाता है। इस व्यंजक से निम्नलिखित में से कौन-से परिणाम निकलते हैं?

  1. जब `1/"n" = 0`, तो अधिशोषण पर दाब का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  2. जब `1/"n" = 0` तो अधिशोषण दाब के अनुक्रमानुपाती होगा।
  3. जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ x -अक्ष के समांतर एक रेखा होती है।
  4. जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ एक वक्र होता है।

आसानी से द्रवित हो जाने वाली गैसों की तुलना में H2 गैस सक्रियित चारकोल पर बहुत कम सीमा तक अधिशोषित होती है, जिसका कारण है-

  1. अति प्रबल वान्डरवाल्स अन्योन्यक्रिया
  2. अति दुर्बल वान्डरवाल्स बल
  3. अति निम्न क्रांतिक ताप
  4. अति उच्च क्रांतिक ताप

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