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प्रश्न
बागानी कृषि की विशेषताएँ लिखो।
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
बागान खेती की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- प्रकृति: बागान खेती व्यावसायिक खेती का एक उपप्रकार है। बागान खेती में खेत का आकार 40 हेक्टेयर से 200 हेक्टेयर के बीच होता है। यह पहाड़ी इलाकों में किया जाता है। इसलिए मशीनों का उपयोग संभव नहीं है। इसके प्रभाव के रूप में, स्थानीय जनशक्ति महत्वपूर्ण हो जाती है।
- फसलें उगाई जाती हैं: इस प्रकार की खेती एकल फसल वाली खेती है। इस प्रकार की खेती में खाद्यान्न उत्पादन नहीं होता है। केवल व्यावसायिक फसलें जैसे चाय, रबर, कॉफी, नारियल, कोको, मसाले आदि उगाए जाते हैं।
- शुरुआत और प्रसार: इस प्रकार की खेती औपनिवेशिक काल के दौरान शुरू हुई और फैली। यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्रचलित है। इस प्रकार की खेती भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों, अफ्रीका, दक्षिण और मध्य अमेरिका आदि में प्रचलित है।
- उपप्रकार: बागवानी और फूलों की खेती बागान खेती के उपप्रकार हैं। बागवानी में, विभिन्न प्रकार के देशी और विदेशी फल उगाए जाते हैं। फूलों की खेती में, विभिन्न प्रकार के फूल बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं।
- पूंजी निवेश: इस प्रकार की खेती में फसलों की लंबी अवधि, वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग, निर्यात योग्य उत्पादन, प्रसंस्करण आदि के कारण बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।
- समस्याएँ: जलवायु में बदलाव, जनशक्ति की कमी, पर्यावरण की गिरावट, आर्थिक और प्रबंधकीय समस्याएँ इस प्रकार की खेती के सामने आने वाली कुछ प्रमुख समस्याएँ हैं।
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