Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
उत्तर
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?
बहुविकल्पी प्रश्न
यह गीत कैसा गीत है?
यह कविता किस वाद से प्रभावित है?
रिक्त स्थान पूरे करो।
नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
रिक्त स्थान पूरे करो।
नमूना → | वह मोर सा नाचता है। |
मेघाश्री की आवाज़ __________ की तरह मीठी है।
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।
कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"रोज त्योहार मनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?
तुम भी अपने संसार के बारे में कल्पनाएँ ज़रूर करते होंगे। अपने सपनों की दुनिया के बारे में बताओ।
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।
यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।
पहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि-'ये धागे/क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?/इन्हें तोड़ दो;/मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।'-तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि-'ये कैसी इच्छा/मेरे मन में जगी?' नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए-
•उसे दूसरी कठपुतलियों की ज़िम्मेदारी महसूस होने लगी।
•उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।
•वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।
•वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
कौन किस रूप में बैठा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
तिनका कहाँ आ गिरा?
इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
बहुविकल्पी प्रश्न
दही कौन बिलो रही है?
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
बिजली के आँगन में अम्माँ