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प्रश्न
बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्यों?
उत्तर
बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्योंकि पुस्तक प्रेमियों ने उसे कंठस्थ किया हुआ था। मनुष्य लकड़ी को जला सकता है, दीवार या शीलाओं को तोड़ सकता है। परन्तु मनुष्य के मन को नहीं मार सकता। इसलिए पुस्तकें जलाने के बाद भी लोगों के मन के अंदर जीवित रहीं। जैसे ही राजा मरा सबने उन्हें पुनः लकड़ी के टुकड़ों में उकेर दिया। ऐसा करने से अन्य लोग भी उन पुस्तकों को पुनः पढ़ पाए।
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वाक्य- मेरा भाई मोहन कक्षा सात में हिंदी पढ़ रहा है। |
उद्देश्य | विधेय | |||||
मुख्य उद्देश्य |
कर्ता का विशेषण |
क्रिया |
कर्म |
कर्म का विशेषण |
पूरक |
विधेय विस्तारक |
मोहन |
मेरा भाई |
पढ़ रहा है |
हिंदी |
– |
– |
सात कक्षा में |
नीचे लिखे वाक्य का विश्लेषण करो।
मोहन के गुरू जी श्याम पट्ट पर प्रश्न लिख रहे हैं।
पढ़ो और समझो
नायक - नायिका
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