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बारहोंमासी कृषि करने में कौन-कौन-सी समस्याएँ हैं? - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

बारहोंमासी कृषि करने में कौन-कौन-सी समस्याएँ हैं?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

बारहोंमासी कृषि करने में समस्याएँ:

  1. जल संकट: पूरे वर्ष फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होता।
  2. मृदा की उर्वरता में कमी: लगातार खेती करने से मिट्टी की उर्वरता घटती है।
  3. कीट और रोग: बारहोंमासी खेती में फसल चक्र सही न होने से कीट और रोग बढ़ सकते हैं।
  4. अधिक पूंजी और श्रम: निरंतर खेती के लिए अधिक पूंजी, श्रमिक और संसाधनों की जरूरत होती है।
  5. जलवायु प्रभाव: अत्यधिक गर्मी, ठंड या अनियमित वर्षा से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
  6. फसल विविधता की कमी: लगातार खेती करने से भूमि विशिष्ट पोषक तत्वों की कमी झेलती है।
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अध्याय 7.3: कृषि - स्वाध्याय [पृष्ठ १६९]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 7.3 कृषि
स्वाध्याय | Q २. (६) १. | पृष्ठ १६९
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