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बहुवैकल्पिक प्रश्न “चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

बहुवैकल्पिक प्रश्न

“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?

विकल्प

  • केदारनाथ अग्रवाल

  • शमशेर बहादुर सिंह

  • सुमित्रानंदन पंत

  • विनय महाजन

MCQ

उत्तर

शमशेर बहादुर सिंह

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: चाँद से थोड़ी-सी गप्पें - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 4 चाँद से थोड़ी-सी गप्पें
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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नीलकंठ
छोटा किलकिला
कबूतर
बड़ा पतरिंगा


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लखि – देखकर
धरि – रखकर
पोंछि – पोंछकर
जानि – जानकर
ऊपर लिखे शब्दों और उनके अर्थों को ध्यान से देखो। हिन्दी में जिस उद्देश्य | के लिए हम क्रिया में ‘कर’ जोड़ते हैं, उसी के लिए अवधी में क्रिया में ि (इ) को जोड़ा जाता है, जैसे-अवधी में बैठ + ि = बैठि और हिंदी में बैठ + कर = बैठकर। तुम्हारी भाषा या बोली में क्या होता है? अपनी भाषा के लिए छह शब्द लिखो। उन्हें ध्यान से देखो और कक्षा में सुनाओ।


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जब हम किसी बात को कविता में कहते हैं तो वाक्य के शब्दों के क्रम में बदलाव | आता है, जैसे-“छाँह घरीक है ठाढ़े” को गद्य में ऐसे लिखा जा सकता है। “छाया में एक घड़ी खड़ा होकर” । उदाहरण के आधार पर नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को गद्य के शब्दक्रम में लिखो।

पुर ते निकसी रघुबीर-बधू,
पुट सूखि गए मधुराधर वै।
बैठि बिलंब लौं कंटक काढ़े।
पर्नकुटी करिहौं कित है?


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