Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बच्चू को एक दिन की छुट्टी लेने से पहले भी सोचना पड़ता है। क्यों?
उत्तर
बच्चू माँझी रिक्शा चलाकर एक दिन में 80 से 100 रुपये कमा लेता है जिस दिन वह छुट्टी करता है तो उस दिन कमाई नहीं हो पाती है जिससे उसे 80 से 100 रुपये का नुकसान हो जाता है। यदि वह छुट्टी करेगा। तो पैसा बचाकर अपने गाँव परिवार के लिए पैसा भी नहीं भेज पाएगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
इस चित्र में आप क्या देख रहे हैं?
आप पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के कार्यों के बारे में पढ़ चुके हैं। अब पिछले पाठ में दिए गए ग्रामीण क्षेत्र के कार्यों के चित्र से इस चित्र की तुलना कीजिए।
शहर का एक भाग दूसरे भाग से अलग होता है। आपने ऊपर वाले चित्र में क्या भिन्नताएँ देखीं?
बच्चू माँझी शहर क्यों आया था?
बच्चू अपने परिवार के साथ क्यों नहीं रह सकता?
नीचे लेबर चौक पर आने वाले मजदूरों की जिंदगी का विवरण दिया गया है। इसे पढ़िए और आपस में चर्चा कीजिए कि लेबर चौक पर आने वाले मजदूरों के जीवन की क्या स्थिति है?
लेबर चौक पर जो मज़दूर रहते हैं उनमें से ज्यादातर अपने रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं कर पाते और इसलिए वे चौक के पास फुटपाथ पर सोते हैं या फिर पास के रात्रि विश्राम गृह (रैन बसेरा) में रहते हैं। इसे नगरनिगम चलाता है और इसमें छः रुपया एक बिस्तर का प्रतिदिन किराया देना पड़ता है। सामान की सुरक्षा का कोई इंतज़ाम न रहने के कारण वे वहाँ के चाय या पान-बीड़ी वालो की दुकानों को बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उनके पास वे पैसा जमा करते हैं और उनसे उधार भी लेते हैं। वे अपने औज़ारों को रात में उनके पास हिफाजत के लिए छोड़ देते हैं। दुकानदार मजदूरों के सामान की सुरक्षा के साथ ज़रूरत पड़ने पर उन्हें कर्ज भी देते हैं।
स्रोत : हिंदू ऑन लाइन, अमन सेठी