Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बेन्जीन, m-डाइनाइट्रोबेन्जीन तथा टॉलूईन में से किसका नाइट्रोकरण आसानी से होता है और क्यों?
उत्तर
CH3 समूह इलेक्ट्रॉनदाता समूह होता है जबकि -NO2 समूह इलेक्ट्रॉन निष्कासक होता है। अतः अधिकतम इलेक्ट्रॉन घनत्व टॉलूईन में होगा उससे कम बेन्जीन में तथा सबसे कम m-डाइनाइट्रोबेन्जीन में। अतः नाइट्रीकरण का घटता हुआ क्रम निम्न होगा-
टॉलूईन > बेन्जीन > m-डाइनाइट्रोबेन्जीन
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बेन्जीन को m-नाइट्रोक्लोरोबेन्जीन में कैसे परिवर्तित करेंगे?
बेन्जीन को ऐसीटोफीनोन में कैसे परिवर्तित करेंगे?
एथीन यौगिक को बेन्जीन में कैसे परिवर्तित करेंगे?
निम्नलिखित यौगिक को उनकी इलेक्ट्रॉनस्नेही (E+) के प्रति घटती आपेक्षिक क्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
क्लोरोबेन्जीन, 2, 4-डाइनाइट्रोक्लोरोबेन्जीन, p-नाइट्रोक्लोरोबेन्जीन
निम्नलिखित यौगिक को उनकी इलेक्ट्रॉनस्नेही (E+) के प्रति घटती आपेक्षिक क्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
टॉलूईन, p-H3C-C6H4-NO2, p-O2N-C6H4-NO2
बेन्जीन के एथिलीकरण में निर्जल ऐलुमिनियम क्लोराइड के स्थान पर कोई दूसरा लूइस अम्ल सुझाइए।