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बगुलों के पंख कविता को पढ़ने पर आपके मन में कैसे चित्र उभरते हैं? उनकी किसी भी अन्य कला माध्यम में अभिव्यक्ति करें। - Hindi (Core)

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प्रश्न

बगुलों के पंख कविता को पढ़ने पर आपके मन में कैसे चित्र उभरते हैं? उनकी किसी भी अन्य कला माध्यम में अभिव्यक्ति करें।

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उत्तर

प्रस्तुत कविता को पढ़कर हमारे मन में इस प्रकार के चित्र उभरते हैं-

  1. सुबह का चित्र मन में उभर पड़ता है, जब बगुलों की पंक्तियाँ आकाश में उड़ रही हो।
  2. कलाकार की तुलिका दिखाई देती है, जो प्रकृति को कागज़ पर उभार देती है।
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बगुलों के पंख
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अध्याय 10: उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख) - अभ्यास [पृष्ठ ६६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 12
अध्याय 10 उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख)
अभ्यास | Q 3.1 | पृष्ठ ६६
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