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भारत में जनसंख्या के घनत्व के स्थानिक वितरण की विवेचना कीजिए। - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

भारत में जनसंख्या के घनत्व के स्थानिक वितरण की विवेचना कीजिए।

दीर्घउत्तर

उत्तर

जनसंख्या के घनत्व को प्रति इकाई क्षेत्र में व्यक्तियों की संख्या द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। इससे भूमि के संदर्भ में जनसंख्या के स्थानिक वितरण को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलती है। भारत का जनसंख्या घनत्व 313 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि०मी० (2001 की जनगणना) तथा 382 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि०मी० (2011 की जनगणना) है। यह एशिया के सबसे सघनतम बसे देशों में बांग्लादेश (849 व्यक्ति) तथा जापन (334 व्यक्ति) के बाद तीसरे स्थान पर है। (सभी आंकड़े 2011 की नवीनतम जनगणना पर आधारित हैं।)
भारत में जनसंख्या के वितरण तथा जनसंख्या के घनत्व में स्थानिक भिन्नता देखने को मिलती है। जैसे अरुणाचल प्रदेश में जनसंख्या का घनत्व 17 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि०मी० है। वहीं दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यह 11,297 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि०मी० है। राज्यों में बिहार का जनघनत्व 1102 व्यक्ति, पश्चिमी बंगाल का 1029 व्यक्ति, केरल में 850 व्यक्ति तथा उत्तर प्रदेश में 828 व्यक्ति प्रति वर्ग कि०मी० है। यद्यपि उत्तर प्रदेश की जनसंख्या सभी राज्यों में सर्वाधिक (19.95 करोड़) है। किंतु एक वर्ग कि०मी० भूमि पर रहने वाले लोगों की संख्या के अनुसार कई राज्यों में उससे अधिक है। दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति के हिस्से में पश्चिमी बंगाल, बिहार व केरल के व्यक्ति की अपेक्षा ज्यादा भूमि आती है। निम्नतम जनसंख्या घनत्व वाले राज्य हैं-अरुणाचल प्रदेश में 17 व्यक्ति, मिजोरम में 52 व्यक्ति तथा सिक्किम में 86 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि०मी० है। अतः यहाँ रहने वाले लोगों के हिस्से में उस राज्य की अधिक भूमि आती है।

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जनसंख्या संघटन
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अध्याय 1: जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन - अभ्यास [पृष्ठ १४]

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एनसीईआरटी Geography - India: People and Economy [Hindi] Class 12
अध्याय 1 जनसंख्या : वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ १४
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