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भारत में उपभोक्ता आंदोलन की प्रगति की समीक्षा करें। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

भारत में उपभोक्ता आंदोलन की प्रगति की समीक्षा करें।

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उत्तर

भारत में उपभोक्ता आंदोलन का जन्म अनैतिक और अनुचित व्यवसाय कार्यों से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता के फलस्वरूप हुआ। अत्यधिक खाद्य कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी, खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेल में मिलावट की वजह से 1960 के दशक में व्यवस्थित रूप में उपभोक्ता आंदोलन का उदय हुआ। 1970 के दशक तक उपभोक्ता संस्थाएँ वृहत् स्तर पर उपभोक्ता अधिकार से संबंधित आलेखों का लेखन और प्रदर्शनियों को आयोजन करने लगी थीं। यह आंदोलन वृहत् स्तर पर उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ और अनुचित व्यवसाय शैली को सुधारने के लिए व्यावसायिक कंपनियों और सरकार दोनों पर दबाव डालने में सफल हुआ।

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उपभोक्ता आंदोलन
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अध्याय 5: उपभोक्ता अधिकार - अभ्यास [पृष्ठ ८७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10
अध्याय 5 उपभोक्ता अधिकार
अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ ८७
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