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प्रश्न
भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?
उत्तर
मनुष्य की खोजने की शक्ति का परिणाम लेखक ने आग का और सुई-धागे का आविष्कार करके बताया है। वे इसे ही संस्कृति मानते हैं। जिस मनुष्य की खोज प्रवृत्ति जितनी अधिक सुदृढ़ होगी, वह उतना ही अच्छा आविष्कार करेगा और संस्कृत व्यक्ति बनेगा।
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मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गई।
मानव संस्कृत एक अविभाज्य वस्तु है। किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब -
जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया।
आशय स्पष्ट कीजिए -
(क) मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?
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