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बिग बैंग सिद्धान्त का विस्तार से वर्णन करें। - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

बिग बैंग सिद्धान्त का विस्तार से वर्णन करें।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

आधुनिक समय में ब्रह्मांड की उत्पत्ति संबंधी सर्वमान्य सिद्धान्त बिग बैंग सिद्धान्त है। इसे विस्तारित ब्रह्मांड परिकल्पना भी कहा जाता है। 1920 ई. में एडविन हब्बल ने प्रमाण दिए कि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है। बिग बैंग सिद्धान्त के अनुसार ब्रह्मांड का विस्तार निम्न अवस्थाओं में हुआ है

  1. आरंभ में वे सभी पदार्थ, जिनसे ब्रह्मांड बना है, अति छोटे गोलक (एकाकी परमाणु) के रूप में एक ही स्थान पर स्थित थे, जिसका आयतन अत्यधिक सूक्ष्म एवं तापमान तथा घनत्व अनन्त था।
  2. बिग बैंग की प्रक्रिया में इस अति छोटे गोलक में भीषण विस्फोट हुआ। इस प्रकार की विस्फोट प्रक्रिया से वृहत विस्तार हुआ। वैज्ञानिकों का विश्वास है कि बिग बैंग की घटना आज से 13.7 अरब वर्ष पहले हुई थी। ब्रह्मांड का विस्तार आज भी जारी है। विस्तार के कारण कुछ ऊर्जा पदार्थ में परिवर्तित हो गई।
  3. बिग बैंग से 3 लाख वर्षों के दौरान, तापमान 4500° केल्विन तक गिर गया और परमाणवीय पदार्थ का निर्माण हुआ। ब्रह्मांड पारदर्शी हो गया। ब्रह्मांड के विस्तार का अर्थ है-आकाशगंगाओं के बीच की दूरी में विस्तार का होना। हॉयल ने इसका विकल्प ‘स्थिर अवस्था संकल्पना’ के नाम से प्रस्तुत किया।
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आधुनिक सिद्धांत
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अध्याय 2: पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास - अभ्यास [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Fundamentals of Physical Geography [Hindi]
अध्याय 2 पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ २०
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