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बिना बिचारे जो करे, सो पाछे पछताय. - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

बिना बिचारे जो करे, सो पाछे पछताय। 

लघु उत्तरीय

उत्तर

इस कहावत का अर्थ है कि बिना सोचे-समझे किए गए कार्य का परिणाम अक्सर पछतावा होता है। इसलिए, किसी भी निर्णय को लेने से पहले उसके अच्छे और बुरे परिणामों पर विचार करना आवश्यक है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए हमें तर्कशील और सावधान रहना चाहिए। सही निर्णय लेने के लिए अनुभवियों की सलाह लेना और उचित योजना बनाना जरूरी है। उदाहरण के लिए, परीक्षा की तैयारी किए बिना बैठना, बिना देखे सड़क पार करना, या बिना सोचे निवेश करना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, हमें हमेशा सोच-समझकर और धैर्यपूर्वक निर्णय लेना चाहिए, ताकि भविष्य में पछताना न पड़े।

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अध्याय 1.6: जादुई अँगूठी - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 2 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.6 जादुई अँगूठी
अंतःपाठ प्रश्न | Q १३. | पृष्ठ २०
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