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बंगाल के मंदिरों की स्थापत्यकला के महत्त्वपूर्ण लक्षण क्या हैं? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

बंगाल के मंदिरों की स्थापत्यकला के महत्त्वपूर्ण लक्षण क्या हैं?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

बंगाल के मंदिरों की स्थापत्यकला के महत्त्वपूर्ण लक्षण

  1. स्थानीय देवी-देवता जो पहले गाँवों में छान-छप्पर वाली झोपड़ियों में पूजे जाते थे।
  2. मंदिरों की शक्ल या आकृति बंगाल की छप्परदार झोपड़ियों की तरह दोचाला (दो छतों वाली) या चौचाला (चार छतों वाली) होती थी।
  3. मंदिर आमतौर पर एक वर्गाकार चबूतरे पर बनाए जाते थे। उनके भीतरी भाग में कोई सजावट नहीं होती थी।
  4. मंदिरों की बाहरी दीवारें चित्रकारियों, सजावटी टाइलों अथवा मिट्टी की पट्टियों से सजी हुई थीं।
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अध्याय 9: क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण - फिर से याद करें [पृष्ठ १३६]

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एनसीईआरटी Social Science (History) - Our Past 2 [Hindi] Class 7
अध्याय 9 क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण
फिर से याद करें | Q 4. | पृष्ठ १३६
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