Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बंगाल में अंग्रेजों की जीत के बाद कलकत्ता एक छोटे से गाँव से बड़े शहर में तब्दील हो गया। औपनिवेशिक काल के दौरान शहर के यूरोपीय और भारतीय निवासियों की संस्कृति, शिल्प और जीवन के बारे में पता लगाएँ।
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
औपनिवेशिक काल के दौरान शहर के यूरोपीय और भारतीय निवासियों की संस्कृति, शिल्प और जीवन में निम्नलिखित बदलाव आए-
- औपनिवेशिक काल में कलकत्ता एक प्रशासनिक केंद्र बन गया था। यूरोपीय लोग उच्च स्तरीय सुविधाओं से पूर्ण क्षेत्रों में रहते थे, जबकि भारतीय लोग अनियोजित सघन तथा सुविधाहीन क्षेत्रों में रहने को मजबूर थे।
- कलकत्ता का विकास भारत के प्रमुख सांस्कृतिक रंगमंच केंद्र के रूप में हुआ था। नाटक, सामूहिक रंगमंच भारतीय शास्त्रीय संगीत, धार्मिक तथा सांस्कृतिक उत्सवों आदि में लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते थे।
- औपनिवेशिक शासन के दौरान कलकत्ता कई शानदार इमारतों का साक्षी बना। इसमें मिस्री रोमन, प्राच्य तथा भारतीय मुसलिम कलाकृतियों का उपयोग किया गया। भारतीय संग्रहालय विक्टेरिया मेमोरियल इत्यादि इसके कुछ उदाहरण हैं।
shaalaa.com
कंपनी का फैसला शासन
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित से जोड़े बनाएँ -
दीवानी | टीपू सुल्तान |
"शेर-ए-मैसूर" | भूराजस्व वसूल करने का अधिकार |
फौजीदारी अदालत | सिपॉय |
रानी चेन्नम्मा | भारत का पहला गवर्नर - जनरल |
सिपाही | फौजदारी अदालत |
वॉरेन हेस्टिंग्स | कित्तूर में अंग्रेज - विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया |
मुग़ल साम्राज्य अठराहवी सदी में मजबूत होता गया।
महाराजा रणजीत सिंह पंजाब के राजा थे।
ईस्ट इंडिया कंपनी टीपू सुल्तान को खतरा क्यों मानती थी ?
निम्नलिखित में से किसी के बारे में तसवीरें, कहानियाँ, कविताएँ और जानकारियाँ इकट्ठा करें - झाँसी की रानी, महादजी सिंधिया, हैदर अली, महाराजा रणजीत सिंह, लॉर्ड डलहौजी या आपके इलाके का कोई पुराना शासक।