Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बुढ़िया के दुख से दुखी लेखक को किसकी याद आई?
उत्तर
खरबूजे बेचने आई महिला को रोती देखकर लेखक ने उसके दुख को महसूस किया। वह दुखी हो गया। बुढ़िया को शोक मनाने का भी अवसर न मिल पाया था, यह सोचकर उसे अपने पड़ोस की संभ्रांत महिला की याद आई, जो इस स्थिति में दो-ढाई महीने तक बिस्तर से भी न उठ पाई थी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
'मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएँ कभी-कभी कितनी मिथ्या और उल्टी निकलती हैं' −का आशय स्पष्ट कीजिए।
लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
"मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।" −यहाँ पटेल के कथन का आशय उद्धृत पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
व्यक्ति की पहचान उसकी पोशाक से होती है। इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।
यदि आपने भगवाना की माँ जैसी किसी दुखिया को देखा है तो उसकी कहानी लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
हिमस्खलन से कितने लोगों की मृत्यु हुई और कितने घायल हुए?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।
उदाहरण के अनुसार विलोम शब्द बनाइए −
उदाहरण : अनुकूल − प्रतिकूल
नियमित − |
____________ |
आरोही − |
____________ |
सुंदर − |
____________ |
विख्यात − |
____________ |
निश्चित − |
____________ |
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
महादेव भाई दिन में कितनी देर काम करते थे?
आगे बढ़ती भारतीय महिलाओं की पुस्तक पढ़कर उनसे संबंधित चित्रों का संग्रह कीजिए एवं संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए-
- पी. टी. उषा
- आरती साहा
- किरण बेदी
‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’-इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
एवरेस्ट अभियान की पहली बाधा कौन-सी थी? इस बाधा का पता लेखिका को कैसे चला?
निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -
किसी लॉण्ड्री पर दे देते हैं, जल्दी धुल जाएँगे। (प्रश्नवाचक वाक्य)
‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ यह प्रश्न लेखक के मन में कब घुमड़ने लगा?
दूसरे दिन अतिथि के न जाने पर लेखक और उसकी पत्नी का व्यवहार किस तरह बदलने लगता है?
उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −
रामन् द्वारा स्थापित शोध संस्थान ____________ नाम से जानी जाती है।
समुद्र यात्रा के दौरान राम के मन में कौन-सी जिज्ञासा बलवती हो उठी?
सरकारी नौकरी करने वाले रामन् कलकत्ता विश्वविद्यालय तक कैसे पहुँचे?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
उबल पड़ने वाले साधारण आदमी का इसमें केवल इतना ही दोष है कि वह कुछ भी नहीं समझता-बूझता और दूसरे लोग उसे जिधर जोत देते हैं, उधर जुत जाता है।