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'चित्र मेरे आँखों तक ही नहीं सीमित’ ऐसा क्यों कहा है? - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

'चित्र मेरे आँखों तक ही नहीं सीमित’ ऐसा क्यों कहा है?

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

यह इसलिए कहा गया है क्योंकि, चित्र केवल देखने की वस्तु नहीं होते, बल्कि वे भावनाओं, विचारों और कल्पनाओं को भी व्यक्त करते हैं। वे देखने वाले व्यक्ति के हृदय और मस्तिष्क पर प्रभाव डालते हैं और उनके अंदर छिपे हुए अर्थ प्रकट करते हैं।

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अध्याय 1.1: चित्र बोलते हैं - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ ४]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 2 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.1 चित्र बोलते हैं
अंतःपाठ प्रश्न | Q १४. १. | पृष्ठ ४
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