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चंपा को इस पर क्यों विश्वास नहीं होता कि गांधी बाबा ने पढ़ने-लिखने की बात कही होगी? - Hindi (Core)

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प्रश्न

चंपा को इस पर क्यों विश्वास नहीं होता कि गांधी बाबा ने पढ़ने-लिखने की बात कही होगी?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

चंपा को पहले कवि द्वारा ही यह ज्ञान दिया गया था कि गांधी बाबा बहुत अच्छे हैं। दूसरी तरफ कवि का दिन-भर लिखते-पढ़ते रहना चंपा को अजीब-सा काम लगता है या यह भी कहा जा सकता है कि उसे बुरा लगता है, बेकार काम लगता है। इसीलिए उसे विश्वास नहीं होता कि गांधी बाबा जैसे अच्छे इंसान पढ़ने-लिखने की बात कह सकते हैं।

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चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती
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अध्याय 2.06: चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती - अभ्यास [पृष्ठ १६२]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
अध्याय 2.06 चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १६२
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