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प्रश्न
'डायरी का पन्ना' पाठ से उद्धृत पंक्ति' आज जो बात थी वह निराली थी।' -का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
'डायरी का पन्ना' पाठ में 'आज जो बात थी वह निराली थी' का आशय उस दिन की विशेषता और महत्ता से है। यह पंक्ति 26 जनवरी 1931 की घटना का वर्णन करती है, जब भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अंतर्गत 'पूर्ण स्वराज' की घोषणा की गई थी। इस दिन देशवासी स्वतंत्रता दिवस की पहली वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहे थे। अंग्रेजी सरकार के कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बाद भी हजारों की संख्या में लोग लाठी खाकर भी जुलूस में भाग ले रहे थे।
सरकार द्वारा सभा भंग करने की कोशिशों के बावजूद भी बड़ी संख्या में आम जनता और कार्यकर्ता संगठित होकर मोनुमेंट के पास एकत्रित हो रहे थे। उस दिन का माहौल, जोश, और जनता का स्वतंत्रता के प्रति समर्पण कुछ अलग और खास था। लोग देशप्रेम से ओत-प्रोत थे और पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक दिन को मना रहे थे। स्त्रियों ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दिन अंग्रेजी कानून को खुली चुनौती देकर कलकत्तावासियों ने देश-प्रेम और एकता का अपूर्व प्रदर्शन किया। कलकत्ता शहर में इससे पहले कभी भी आजादी के लिए इतना सब कुछ नहीं किया गया था। इसीलिए इस विशेष दिन को निराला कहा गया है।