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दे-ब्रॉग्ली द्वारा प्रतिपादित द्रव्य के दोहरे व्यवहार से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज हुई, जिसे जैव अणुओं और अन्य प्रकार के पदार्थों की अति आवर्धित प्रतिबिंब के लिए उपयोग में लाया जाता है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

दे-ब्रॉग्ली द्वारा प्रतिपादित द्रव्य के दोहरे व्यवहार से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज हुई, जिसे जैव अणुओं और अन्य प्रकार के पदार्थों की अति आवर्धित प्रतिबिंब के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस सूक्ष्मदर्शी में यदि इलेक्ट्रॉन का वेग 1.6 × 106 ms−1 है, तो इस इलेक्ट्रॉन से संबंधित दे-ब्रॉग्ली तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए।

संख्यात्मक

उत्तर

इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंग-दैर्घ्य

λ = `"h"/"mv"`

= `(6.626 xx 10^-34)/((9.11 xx 10^-31) xx (1.6 xx 10^6))`

= 4.55 × 10−10 m

= 455 pm

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परमाणु के क्वांटम यांत्रिकीय मॉडल की ओर - द्रव्य का द्वैत व्यवहार
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: परमाणु की संरचना - अभ्यास [पृष्ठ ७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 2 परमाणु की संरचना
अभ्यास | Q 2.57 | पृष्ठ ७२

संबंधित प्रश्न

यह दर्शाइए कि हाइड्रोजन परमाणु की बोर कक्षा की परिधि उस कक्षा में गतिमान इलेक्ट्रॉन की दे-ब्राग्ली तरंग-दैर्घ्य को पूर्ण गुणक होती है।


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