हिंदी

धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटनी परिष्करण का उपयोग शुद्ध धातुओं को प्राप्त करने में किया जाता है। (अ) इस प्रक्रम द्वारा सिल्वर धातु को शुद्ध - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटनी परिष्करण का उपयोग शुद्ध धातुओं को प्राप्त करने में किया जाता है।

(अ) इस प्रक्रम द्वारा सिल्वर धातु को शुद्ध अवस्था में प्राप्त करने के लिए कौन-से पदार्थ के कैथोड व ऐनोड काम में लिए जाते हैं।

(ब) एक उपयुक्त विद्युत अपघट्य का भी सुझाव दीजिए।

(स) इस विद्युत अपघटनी सेल में विद्युतधारा प्रवाहित करने के उपरांत हमें शुद्ध सिल्वर कहाँ प्राप्त होगा? 

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

(अ) चांदी धातु के निष्कर्षण के दौरान, अशुद्ध धातु को एनोड के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा और शुद्ध धातु को इस इलेक्ट्रोलाइटिक शोधन द्वारा चांदी धातु के शोधन के लिए कैथोड के रूप में उपयोग किया जाएगा।

(ब) सिल्वर सल्फेट या सिल्वर नाइट्रेट को इलेक्ट्रोलाइट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

(स) कैथोड पर शुद्ध चांदी प्राप्त होती है।

shaalaa.com
धातुओं के रासायनिक गुणधर्म
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: धातु एवं अधातु - Exemplar [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
अध्याय 3 धातु एवं अधातु
Exemplar | Q 38. | पृष्ठ २४

संबंधित प्रश्न

उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं?


निम्नलिखित में से कौन-से आयनिक यौगिक नहीं हैं?

  1. KCl
  2. HCl 
  3. CCl4
  4. NaCl

तीन चिन्हित परखनलियों A, B तथा C में क्रमशः सांद्र HCl, सांद्र HNO3 तथा सांद्र HCl एवं सांद्र HNO3 का 3 : 1 में मिश्रण (प्रत्येक के 2 mL) लिए गये। प्रत्येक परखनली में धातु का एक छोटा टुकड़ा डाला गया। परखनली A तथा B में कोई परिवर्तन नहीं हुआ परंतु परखनली C में धातु घुल गई। धातु हो सकती है - 


एक मिश्रातु है ______ 


जिंक के विदयुत परिष्करण के दौरान यह ______ 


मैग्नीशियम धातु के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?


निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?


धातुओं के निष्कर्षण के प्रक्रम में धातु सल्फाइडों तथा धातु कार्बोनेटों को धातु ऑक्साइडों में परिवर्तित क्यों करना चाहिए?


निम्नलिखित को समझाइए-

  1. AI को यदि HNO3 में डुबोया जाता है तो उसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है।
  2. Na अथवा Mg के ऑक्साइडों को कार्बन अपचयित नहीं कर सकता है।
  3. NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालक नहीं है जबकि यह जलीय विलयन तथा गलित अवस्था में विद्युत का संचलन करता है।
  4. आयरन की वस्तुओं को गैल्वेनीकृत किया जाता है।
  5. धातुएँ जैसे Na, K, Ca तथा Mg प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती हैं।

दो उभयधर्मी ऑक्साइडों के उदाहरण दीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×