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ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है? - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है?

लघु उत्तरीय

उत्तर

जब माध्यम के कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा के समांतर हो तो उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहा जाता हैं। ध्वनि तरंग संपीडन (C) और विरलन (R) के रूप में संचरित होती है तथा माध्यम (वायु) के कण आगे-पीछे तरंग के संचरण की समांतर दिशा में गति करते हैं। अतः ध्वनि तरंगों को अनुदैर्घ्य तरंग कहते हैं।

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ध्वनि तरंगें अनुदैर्घ्य तरंगें हैं
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अध्याय 12: ध्वनि - अभ्यास [पृष्ठ १९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 9
अध्याय 12 ध्वनि
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १९६

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