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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
दिवसावसान का समय मेघमय आसमान से उतर रही है वह संध्या सुंदरी, परी -सी, धीरे-धीरे-धीरे, तिमिरांचल में चंचलता का नहीं कहीं आभास, मधुर-मधुर हैं दोनों उसके अधर, किंतु जरा गंभीर, नहीं है उनमें हास-विलास। हँसता है तो केवल तारा एक गुँथा हुआ उन घुँघराले काले-काले बालों से, हृदय राज्य की रानी का वह करता है अभिषेक। |
- उत्तर लिखिए: [2]
संध्या सुंदरो की विशेषताएँ- ....................
- ....................
- ....................
- ....................
- सूचना के अनुसार उत्तर लिखिए: [2]
- उपसर्गयुक्त शब्द ← मधुर → प्रत्यययुक्त शब्द
- पद्यांश में प्रयुक्त किसी एक शब्दयुग्म का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए।
- उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
आकलन
उत्तर
-
- उसकी उपस्थिति परी जैसी मनोहारी और स्वप्निल है।
- उसके अधर मधुरता से ओत-प्रोत हैं।
- अधरों पर हास-विलास का अभाव, बल्कि हल्की गंभीरता झलकती है।
- उसके घुँघराले काले बालों में एक तारा चमकता है, जो उसकी रानी जैसी शोभा बढ़ाता है।
-
- अमधुर ← मधुर → मधुरता
- 'सर्दि की रात में, गाँव की तिमिरांचल गलियाँ रहस्यमयी माहौल बिखेर देती हैं।'
- "मधुर अधरों में गंभीरता है; केवल एक तारा उसके घुँघराले काले बालों से मुस्कुराता प्रतीत होता है, जिससे वह हृदय राज्य की रानी बन जाती है।"
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