Advertisements
Advertisements
प्रश्न
दोनों सवैयों के प्रसंगों में अंतर स्पष्ट करो।
उत्तर
पहले सवैये में वन जाते समय सीता जी की व्याकुलता और थकान का वर्णन किया गया है। वे अपने गंतव्य के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। सीता जी की इस दयनीय अवस्था को देखकर रामचंद्र जी भी दुखी हो जाते हैं। नगर से बाहर निकलने के बाद, कुछ दूर चलने पर ही सीता जी थक जाती हैं। उनके माथे पर पसीना आ जाता है और होंठ सूखने लगते हैं। व्याकुल होकर वे श्रीराम से पूछती हैं कि अभी और कितनी दूर चलना है और पर्णकुटी कहाँ बनानी है। उनकी इस दशा को देखकर श्रीराम की आँखों में आँसू आ जाते हैं। दूसरे सवैये में श्रीराम और सीता की दशा का मार्मिक चित्रण है। इसमें श्रीराम और सीता जी के प्रेम को दर्शाया गया है, जहाँ श्रीराम सीता के थक जाने पर उनके पैरों के काँटे निकालते हैं और सीता श्रीराम का अपने प्रति प्रेम देखकर आनंदित हो जाती हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आशय स्पष्ट करो
रस उँडेलकर गा लेती है।
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को किन चीज़ों से प्यार है?
चिड़िया कहाँ से मोती ले जाती है?
कविता के आधार पर चिड़िया के स्वभाव का वर्णन कीजिए।
चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?
गप्प, गप-शप, गप्पबाज़ी क्या इन शब्दों के अर्थ में अंतर है? तुम्हें क्या लगता है? लिखो।
बहुवैकल्पिक प्रश्न
बालिका ने चाँद को क्या बीमारी बताई है?
कविता की दूसरी पंक्ति में भारत को 'बूढ़ा' कहकर और उसमें 'नई जवानी' आने की बात कहकर सुभद्रा कुमारी चौहान क्या बताना चाहती हैं?
वीर महिला की इस कहानी में कौन-कौन से पुरुषों के नाम आए हैं? इतिहास की कुछ अन्य वीर स्त्रियों की कहानियाँ खोजो।
बहुविकल्पीय प्रश्न
‘झाँसी की रानी’ कविता किसने लिखी है?
बहुविकल्पीय प्रश्न
रानी लक्ष्मीबाई किसकी मुँहबोली बहन थी?
बहुविकल्पीय प्रश्न
कवयित्री ने झाँसी की रानी की कथा किसके मुँह से सुनी थी?
महल में खुशी का कारण क्या था?
अंग्रेज़ों के कुचक्र के विरुद्ध रानी ने अपनी वीरता का परिचय कैसे दिया?
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं’ क्यों कहा गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
‘वन के मार्ग में’ पाठ के कवि कौन हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
रघुबीर की वधू कौन थी?
अपने प्रति राम का प्रेम देखकर सीता जी की क्या दशा हुई?
“धरि धीर दए’ का आशय क्या है?
नीचे दिए गए शब्दों में अंतर बताओ, उनमें क्या फ़र्क है?
- स्नेह – प्रेम
- ग्रह – गृह
- शांति – सन्नाटा
- निधन – निर्धन
- धूल – राखे
- समान – सामान