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प्रश्न
एक द्रव को सीलबंद पात्र में निश्चित ताप पर इसके वाष्प के साथ साम्य में रखा जाता है। पात्र का आयतन अचानक बढ़ा दिया जाता है।
क्या होगा, जबकि साम्य पुनः अंतिम रूप से स्थापित हो जाएगा, तब अंतिम वाष्प दाब क्या होगा?
उत्तर
अंतिम रूप से स्थापित साम्य में संघनन की दर वाष्पन की देर के समान होती है। अंतिम वाष्प दाब पहले के समान रहता है।
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वाष्प-दाब परिवर्तन का प्रारंभिक परिणाम क्या होगा?
निम्न साम्य के लिए Kc क्या होगा, यदि साम्य पर प्रत्येक पदार्थ की सांद्रताएँ हैं-
[SO2] = 0.60 M, [O2] = 0.82 M, एवं [SO3] = 1.90 M
\[\ce{2SO2(g) + O2(g) <=> 2SO3(g)}\]
एक निश्चित ताप एवं कुल दाब 105 Pa पर आयोडीन वाष्प में आयतनानुसार 40% आयोडीन परमाणु होते हैं।
\[\ce{I2(g) ⇌ 2I(g)}\]
साम्य के लिए Kp की गणना कीजिए।
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प्रारंभ में वाष्पन एवं संघनन की दर कैसे बदलती है?