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प्रश्न
एक समोर्जी 18 keV वाले इलेक्ट्रॉनों के किरण पुंज पर जो शुरू में क्षैतिज दिशा में गतिमान है, 0.04 G का एक क्षैतिज चुम्बकीय-क्षेत्र, जो किरण पुंज की प्रारम्भिक दिशा के लम्बवत है, लगाया गया है। आकलन कीजिए 30 सेमी की क्षैतिज दूरी चलने में किरण पुंज कितनी दूरी ऊपर या नीचे विस्थापित होगा ? (me = 911 x 10-31 kg, e = 160 x 10-19 C)।
[नोट: इस प्रश्न में आँकड़े इस प्रकार चुने गए हैं कि उत्तर से आपको यह अनुमान हो कि TV सेट में इलेक्ट्रॉन गन से पर्दे तक इलेक्ट्रॉन किरण पुंज की गति भू-चुम्बकीय-क्षेत्र से किस प्रकार प्रभावित होती है।]
उत्तर
दिया है, B =0.04 G = 4 × 10-6 T
माना इलेक्ट्रॉनों का वेग vx है, तब
`1/2 "m"_"e" "v"_x^2` = K
`=> "v"_x = sqrt("2K"/"m"_"e")`
इलेक्ट्रॉन, चुम्बकीय-क्षेत्र के कारण वृत्तीय मार्ग पर गति करते हैं
जिसकी त्रिज्या निम्नलिखित है-
R = `("m"_"e""v"_x)/"eB" = "m"_"e"/"eB" sqrt("2K"/"m"_"e")`
`= sqrt("2Km"_"e")/"eB"`
`= sqrt(2 (18 xx 10^3 xx 1.6 xx 10^-19) xx 9.11 xx 10^-31)/(1.6 xx 10^-19 xx 4 xx 10^-6)`
= 11.3 m
माना इलेक्ट्रॉन-पुंज बिन्दु A पर चुंबकीय क्षेत्र में क्षैतिज दिशा में प्रवेश करते है तथा क्षैतिज दिशा में x = 0.30 m दूरी तय करने तक बिन्दु B पर पहुँच जाते हैं, तब चित्र से
`sin theta = x/"R" = 0.30/11.3 = 0.0265`
⇒ θ = sin-1 (0.0265) = 1.52°
∴ इलेक्ट्रॉनों का ऊपर अथवा नीचे की ओर विस्थापन
y = OA - OC = R - R cos θ
= R (1 - cos θ) = 11.3(1 - 0.9996) = 4.0 × 10-3 m
अथवा y = 4 mm
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