हिंदी

गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

'जर्मेनियम को गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर गैलियम कुछ जालक स्थलों से जर्मेनियम को प्रतिस्थापित कर देता है। गैलियम में केवल तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। अत: 'निकटवर्ती जर्मेनियम परमाणु की चौथी संयोजकता संतुष्ट नहीं 'होती। यह स्थान रिक्त रह जाता है। इस स्थान पर इलेक्ट्रॉनों की कमी हो जाती है। अत: इसे इलेक्ट्रॉन छिद्र कहते हैं। निकटवर्ती परमाणु से इलेक्ट्रॉन आकर इस अन्तराल को भरते हैं फलत: मूल स्थिति में एक छिद्र उत्पनन हो जाता है। विद्युत्‌ क्षेत्र के प्रभाव में इलेक्ट्रॉन इस छिद्र से होते हुए धन आवेशित प्लेट की ओर जाते हैं इसके कारण छिद्र इलेक्ट्रॉनों के गमन की विपरीत दिशा में गमन करते हुए प्रतीत होतें हैं।

shaalaa.com
विघुतीय गुण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q III. 61. | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्न

जिन आयनिक ठोसों में धातु आधिक्य दोष के कारण ऋणायनिक रिक्तिका होती हैं, वे रंगीन होते हैं। उपयुक्त उदाहरण की सहायता से समझाइए।


नॉनस्टॉइकियोमीट्री क्यूप्रस ऑक्साइड, Cu2O प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है। इसमें कॉपर तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 से कुछ कम है। क्या आप इस तथ्य की व्याख्या कर सकते हैं कि यह पदार्थ p- प्रकार का अर्द्धचालक है?


निम्नलिखित को p-प्रकार या n-प्रकार के अर्धचालकों में वर्गीकृत कीजिए –

Si से डोपित B


बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं अर्धचालक में क्या अन्तर होता है?


निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्साइड धातुओं के समान वैद्युतीय गुण प्रदर्शित करता है?


किसी शुद्ध क्रिस्टल में जालक स्थल ______ द्वारा अध्यासित नहीं हो सकता?


सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।


विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
  2. इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
  3. इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
  4. इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।

अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।

  1. इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  2. इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  3. विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
  4. लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है

अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।

तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×